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गाड़ी पर विज्ञापन स्टीकर लगाने के नाम पर करीब 200 लोगों से की थी ठगी, दो साल बाद आया पकड़ में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:02 PM IST
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ठगे
- फोटो : amar ujala
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फर्जी विज्ञापन कंपनी बनाकर 200 से ज्यादा लोगों को ठगने के आरोपी को दून पुलिस ने पंजाब के जालंधर से गिरफ्तार कर लिया है। दून पुलिस पिछले दो साल से उसकी तलाश कर रही थी। वसंत विहार पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। मामले में दो आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
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23 जून 2016 को इंदिरानगर निवासी राखी वर्मा ने इंदिरानगर के ही जरनल मार्केट में विज्ञापन कंपनी ‘ड्रीम ऑन वे’ के प्रबंधक राजवीर सिंह व कुछ अन्य कर्मियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। राखी ने बताया कि 31 जुलाई 2016 को राजवीर सिंह ने उसे कंपनी की विज्ञापन स्कीम बताई। उसने कहा कि अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन पर विज्ञापन के स्टीकर लगाने के एवज में कंपनी प्रतिमाह ढाई हजार रुपये देती है। इस पर राखी ने 17 हजार डाउन पेमेंट देकर नई स्कूटी खरीद ली। तब राजवीर ने बताया कि स्कूटी पर व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) लगाना होगा। उसने सिक्योरिटी के तौर पर आठ हजार रुपये जमा करवा लिए।
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राखी कुछ दिन बाद वीटीएस लगाने पहुंची तो कंपनी के कार्यालय पर ताला लगा मिला। राजवीर सिंह का फोन भी बंद मिला। इस पर राखी को अपने साथ ठगी का एहसास हुआ। इसी दौरान राखी को कई अन्य लोग भी मिले, जिनके साथ राजवीर ने ऐसे ही ठगी की थी। मुकदमा दर्ज होने पर राजवीर संदली मानसा पंजाब स्थित अपने घर भाग गया। करीब एक साल बाद 30 जुलाई 2017 को पुलिस ने उसे देहरादून आईएसबीटी से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने संगरूर निवासी कुलदीप उर्फ राजदीप और दून निवासी रजत के भी ठगी में शामिल होने की बात कबूली थी। तब पुलिस ने रजत को भी गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन कुलदीप फरार चल रहा था। थाना प्रभारी बसंत विहार हेमंत खंडूरी ने बताया कि मामले में एक महिला प्रिया के शामिल होने की बात भी सामने आ रही है।
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