11वीं के छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में दिखा दर्द
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गैरसैंण स्थित राजकीय इंटर कालेज में पढ़ रहे 11वीं के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का कारण मानसिक तनाव माना जा रहा है। छात्र का लिखा सुसाइड नोट और एक चाकू भी बरामद किया गया है। छात्र के परिजनों के आने पर पुलिस ने शव जिला अस्पताल में ही रखा हुआ है।
थाने के हेड कांस्टेबल प्रोन्नत (एचसीपी) रामजन्म सिंह नेगी ने बताया कि शुक्रवार सुबह पॉलीटेक्निक के नवनिर्मित भवन के पास पेड़ से एक शव लटके होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा गया। मृतक की पहचान राकेश सिंह (15) पुत्र अमर सिंह निवासी ग्राम कुलिंग, देवाल के रूप में हुई।
नेगी ने बताया कि छात्र अपने चाचा-चाची के साथ यहां रहता था जबकि माता-पिता देवाल के एक गांव में रहते हैं। बृहस्पतिवार शाम से राकेश लापता था। उसकी खोज की जा रही थी और शुक्रवार सुबह राकेश का शव पेड़ से लटका मिला।
काट रखी थी पैर की नस, पास मिला चाकू
नेगी ने बताया कि शव से एक चाकू मिला है और राकेश ने अपने एक पैर की नस भी काट रखी थी। मृतक के चाचा का कहना है कि राकेश दसवीं में प्रथम श्रेणी में पास हुआ था। वह तीन साल से हमारे साथ रह रहा था। नेगी ने बताया कि शव परिजनों को ही सौंपा जाएगा। उनके आने तक शव जिला अस्पताल में रखा गया है। राकेश को मानसिक तनाव क्यों था इसका भी नहीं पता चल पाया है।
'नहीं कर पाऊंगा खुद को माफ'
राकेश ने सुसाइड नोट में लिखा है कि मैंने जो भी यह गलत कदम उठाया है उसके लिए कभी अपने आप को माफ नहीं कर पाऊंगा। उसने जिंदगी से हार मानने, दूसरे की खुशी बर्दाश्त न होने की बातें भी लिखी हैं। हेड कांस्टेबल नेगी ने बताया कि सुसाइड नोट में तुलसीदास और गीता का जिक्र भी किया गया है। बताया है कि दो बार पहले भी जहर खाने की कोशिश की गई थी।