दूसरे की बीवी से अश्लील बातों ने ली बीजेपी नेता की जान
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भाजपा नेता राकेश रस्तोगी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक पत्नी से आए दिन फोन पर अश्लील बातें कर उसे परेशान करने से आजिज आकर आरोपी ने अपने ममेरे भाई के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया।
आरोपियों को मोबाइल सिम उपलब्ध करवाने वाले दुकानदार को भी धारा 120बी के तहत मुजरिम बनाया गया है।
मंडी समिति गेस्ट हाउस में शुक्रवार को पत्रकारों को एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि गत माह 13 जून को भाजपा मंडल उपाध्यक्ष राकेश रस्तोगी अपने कार्यालय से बहेड़ी के ग्राम ग्वारी पचपेड़ा जाने की बात कहकर निकले थे।
जिसकी गुमशुदगी उनके पिता ने किच्छा कोतवाली में दर्ज करवाई। बाद में उनका शव बहेड़ी के ग्राम मंडनपुर के निकट उनकी सेंट्रो कार से बरामद किया गया था।
प्रॉपर्टी के कारोबार से भी जुड़ा था राकेश
इस पर पुलिस ने मृतक के पिता राधेश्याम रस्तोगी की ओर से दर्ज गुमशुदगी को हत्या में तरमीम कर जांच शुरू कर दी थी।
राकेश भाजपा नेता होने के साथ ही प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़ा था। पुलिस टीम ने कई लोगों से पूछताछ की।
पुलिस के संदेह की सुई दो लोगों पर टिक गई। मुखबिर की सूचना पर गुरुवार को पुलिस ने चरनजीत सिंह पुत्र गुलजार सिंह निवासी हंस बिहार कालोनी रुद्रपुर और गुरबख्श सिंह पुत्र सतनाम सिंह निवासी ग्राम वोसेना थाना बिलासपुर जनपद रामपुर (यूपी) को आदित्य चौक के समीप गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में चरनजीत ने हत्या की बात कबूल ली।
2013 में उनकी शादी हुई
उसने बताया कि उसकी पत्नी शादी से पूर्व राकेश रस्तोगी के कार्यालय में काम करती थी। 2010 में उसने नौकरी छोड़ दी। 2013 में उनकी शादी हुई। शादी के दो महीने बाद राकेश ने उसकी पत्नी को फोन करने शुरू कर दिए।
फोन पर अश्लील बातें कर उसे अपने कार्यालय आने को कहता था। परेशान होकर पत्नी ने उसे मामले की जानकारी दी। बताया कि पत्नी का मोबाइल नंबर बदला तो राकेश ने कहीं से नया नंबर मालूम कर लिया और फिर उसे परेशान करने लगा।
इस पर उसने राकेश को ठिकाने लगाने का मन बना लिया। उसने अपने मामा के पुत्र गुरबख्श को मामले से अवगत कराया। 13 जून को राकेश को प्लाट दिखाने के बहाने उन्होंने बरा बुला लिया। राकेश अपनी कार (यूके 06टी 8575) से बरा पहुंचा तो वहां पर चरनजीत और गुरबख्श उसकी कार में बैठकर पचपेड़ा की ओर चल दिए।
गला घोंटकर राकेश की हत्या
रास्ते में सुनसान जगह पर उन्होंने चाकू मारकर और रस्सी से गला घोंटकर राकेश की हत्या कर दी। शव को कार की पिछली सीट पर डालकर कार मंडनपुर के निकट खड़ी कर गए। रास्ते में पुलभट्टे के समीप नदी में खून से लथपथ शर्ट फेंक दी।
पुलिस के अनुसार अभियुक्त चरनजीत की खून लगी शर्ट व हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया गया है। एसएसपी के अनुसार चरनजीत स्नातक है और रुद्रपुर सिडकुल की एक कंपनी में नौकरी करता है, जबकि उसका ममेरा भाई गुरबख्श हाईस्कूल पास है वह भी प्राइवेट नौकरी करता है।
काम न आई चालाकी
एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि अभियुक्तों ने राकेश की हत्या योजनाबद्ध तरीके से की। सर्विलांस से बचने के लिए जिस मोबाइल फोन से बात की वह नया था। उससे केवल राकेश रस्तोगी से ही बात की गई। यह फोन कहीं और इस्तेमाल नहीं किया।
इस मोबाइल में जो सिम डाला गया वह भी फर्जी आईडी से रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप के दुकानदार पप्पू से खरीदा गया था। एसएसपी ने बताया कि फर्जी आईडी से सिम बेचने वाले पप्पू को भी 120बी के तहत मुजरिम बनाया गया है।
डेढ़ घंटे में ही लगा दिया ठिकाने
पुलिस के अनुसार राकेश रस्तोगी के अपने कार्यालय से जाने के एक-डेढ़ घंटे के भीतर ही उसकी हत्या कर दी गई थी।
लगभग 11 बजे रस्तोगी अपने कार्यालय से निकले और बरा पहुंचे। बरा से निकलने के बाद पहले से ही राकेश की हत्या की फिराक में बैठे अभियुक्त राकेश की कार में बैठ गए। कुछ दूर पहुंचने के बाद उन्होंने हत्या कर दी।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बाद में राकेश का मोबाइल फोन छिनकी के निकट नदी में फेंक दिया जो बरामद नहीं हो सका।