...तो आत्महत्या करने गाजियाबाद से यहां आ गया?
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गाजियाबाद में बीटेक की पढ़ाई कर रहे बिजनौर निवासी छात्र का शव हरिद्वार के मंगलौर में नहर पटरी पर एक बाग में पेड़ से लटका मिला। पुलिस ने शव के पास ही छात्र का बैग और मोबाइल बरामद किया है। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है जबकि पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बृहस्पतिवार की सुबह मंगलौर क्षेत्र के कुरडी गांव के प्रधान सतेंद्र को किसी ग्रामीण ने सूचना दी कि कुरडी गांव के मजरा नजरपुरा के एक बाग में पेड़ पर युवक का शव लटका हुआ है। ग्राम प्रधान द्वारा सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और युवक के शव को पेड़ से नीचे उतरवाया।
पुलिस को घटनास्थल पर ही एक बैग और मोबाइल फोन बरामद हुआ। जिससे मृतक की शिनाख्त बिजनौर के झिलरी गांव निवासी अमित (24 ) पुत्र वीरेंद्र के रुप में हुई। शिनाख्त होने पर मृतक के परिजनों सूचना दी गई।
पुलिस के पास नहीं इन सवालों के जवाब
परिजनों का कहना है कि अमित यहां कैसे आया इसके बारे में उन्हें भी कोई जानकारी नहीं है। जबकि पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है। पुलिस का कहना है कि हर बिंदु पर जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
अमित की मौत को पुलिस भले ही आत्महत्या मानकर जांच में जुटी हो। लेकिन कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब खुद पुलिस के पास भी नहीं है।
अमित गाजियाबाद में बीटेक कर रहा है। परिजनों और रिश्तेदारों की माने तो उसे इस समय गाजियाबाद में होना चाहिए था। यदि अमित ने आत्महत्या की है तो वह मंगलौर क्षेत्र में क्यों आया। हालांकि पुलिस का कहना है कि हथियातल गांव में अमित की रिश्तेदारी है। लेकिन अमित हथियातल गांव भी नहीं गया था।
किसने किया अमित के एक्सीडेंट का फोन
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरकार अमित का शव गाजियाबाद से इतनी दूर पेड़ से लटका कैसे मिला। वहीं दो दिन पहले आए एक फोन से भी मामले में पेंच आ गया है।
अमित के मामा परवीन ने बताया कि दो दिन पहले अमित के चाचा मुकेश के मोबाइल पर एक फोन आया था। फोन करने वाली कोई महिला थी। उसने कहा था कि अमित का एक्सीडेंट हो गया है। यह सुनकर पूरा परिवार घबरा गया।
तुरंत ही अमित को फोन किया गया। लेकिन फोन अमित ने ही उठाया और बताया कि वह ठीक है। उसका कोई एक्सीडेंट नहीं हुआ है। इसके बाद उसी महिला को फोन मिलाया गया। महिला ने अजीबो गरीब जवाब दिया।
इसके बाद सभी ने इस बात को आई-गई कर दिया। लेकिन अमित की मौत के बाद परिजन यह जानना चाह रहे है कि आखिर अमित के एक्सीडेंट का फोन किसने और क्यों किया था।
बेटे की मौत से टूट गए सारे सपने
बेटा बीटेक करने के बाद एक बड़ा इंजीनियर बनेगा। यह सोचकर झलरी गांव निवासी वीरेंद्र सिंह ने अपने बेटे अमित का गाजियाबाद स्थित एक इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन कराया था। लेकिन क्या पता था कि उनका इकलौता बेटा उन्हें छोड़कर चला जाएगा। बेटे की मौत से विरेंद्र सिंह बेहद दु:खी हैं।
अमित को लेकर वीरेंद्र सिंह ने जो सपने देखे थे वह सब उसकी मौत से टूट गए हैं। वीरेंद्र सिंह किसान है। बेटे को अच्छी से अच्छी शिक्षा देकर वह उसे इंजीनियर बनाना चाहता था। लेकिन सपना पूरा होने से पहले ही टूट गया।
वीरेंद्र सिंह बेटे की मौत से पूरी तरह टूट चुके है। अमित के मामा परवीन निवासी थिथकी ने बताया कि अमित की मौत से हर कोई दुखी है। परिजनों का कहना है कि अमित आत्महत्या नहीं कर सकता है। पुलिस को इस मामले की गहराई से पड़ताल करनी चाहिए।