लूटता रहा अस्मत, प्रेगनेंट हुई तो कराया गर्भपात
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तरकाशी में शादी का झांसा देकर दलित लड़की के साथ दुष्कर्म करने के बाद जबरन गर्भपात का मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने एक माह बाद एक अभियुक्त को धर दबोचा।
इसी मामले में पुलिस ने गर्भपात कराने वाली भारद्वाज क्लीनिक नौगांव की डॉ. निशा शर्मा को भी गिरफ्तार किया है।
बीते माह नौ अगस्त को क्षेत्र के एक ग्रामीण ने नौगांव निवासी प्रदीप रावत पर उसकी बेटी को शादी का झांसा देकर दो साल तक बलात्कार करने तथा जबरन गर्भपात कराने का आरोप लगाते हुए पुरोला थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। बलात्कार का आरोपी प्रदीप तब से ही फरार चल रहा था।
पुलिस उपाधीक्षक पीसी पंत ने इस मामले की जांच की। पुलिस ने बीते माह ही पीड़िता के न्यायालय के समक्ष बयान दर्ज कराए थे।
मुखबिर की सूचना पर आया फंदे में
शुक्रवार को पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि आरोपी प्रदीप नौगांव में पेट्रोल पंप के पास खड़ा है। पुलिस ने घेरेबंदी कर प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने इस मामले में गर्भपात कराने की आरोपी भारद्वाज क्लीनिक की संचालिका डॉ. निशा शर्मा को भी उसके क्लीनिक से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस क्षेत्राधिकारी महेंद्र रावत ने बताया कि दोनों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। क्लीनिक से डॉक्टर की डिग्री आदि दस्तावेज भी जांच के लिए एकत्र किए गए हैं।
विवादों में रही है निशा शर्मा
पिछले दस सालों से नौगांव में बेरोकटोक क्लीनिक चला रही डॉ. निशा शर्मा पहले भी विवादों में रही है। वर्ष 2009 में उनके क्लीनिक पर प्रसव के दौरान एक विवाहिता की मौत पर काफी हंगामा हुआ था। तब उनका क्लीनिक सील कर दिया गया था।