{"_id":"5b9ec02a867a557ff0706d09","slug":"91537130538-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनआईईपीवीडी प्रकरण:: कई महीनों से अफसरों को फोन मिला रही थी पीड़िता","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एनआईईपीवीडी प्रकरण:: कई महीनों से अफसरों को फोन मिला रही थी पीड़िता
Updated Mon, 17 Sep 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
एनआईईपीवीडी (पूर्व में एनआईवीएच) में शारीरिक उत्पीड़न की शिकार छात्रा ने पुलिस और प्रशासन के कई अफसरों को अपनी पीड़ा बयां करनी चाही थी। इसके लिए उसने कई बार अधिकारियों को फोन भी मिलाए, लेकिन दुर्भाग्य से किसी का फोन नहीं उठा। यह सब बातें पीड़िता ने रविवार को बाल आयोग की अध्यक्ष को बताईं। इधर, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को पीड़िता के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज किए जाएंगे।
दरअसल, छात्रा एनआईईपीवीडी में गत डेढ़ साल से रह रही है। वर्तमान में वह दो वर्षीय पाठ्यक्रम के दूसरे वर्ष की पढ़ाई कर रही है। जबकि आरोपी छात्र राकेश रावत कैंपस से बाहर रहता था और क्लास अटेंड करने के बाद शाम तक कैंपस में ही घूमता रहता था। वह तरह-तरह के बहाने बनाकर छात्रा को अपने पास बुलाता रहता था और उसे प्रताड़ित करता रहता था। आरोप है कि जब छात्रा चिल्लाने का प्रयास करती तो वह उसे डरा धमकाकर चुप करवा देता था। करीब तीन माह पहले उसकी इन हरकतों से आजिज आकर छात्रा ने प्रबंधन से भी शिकायत की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि छात्रा ने कई बार एसएसपी, एसपी सिटी और अन्य अधिकारियों को फोन किए, लेकिन किसी का फोन नहीं उठा। इसके बाद उसने जिलाधिकारी से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे भी संपर्क नहीं हो पाया। अध्यक्ष ऊषा नेेगी ने बताया कि हालांकि, इस दौरान छात्रा ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन नहीं किया। इसका कारण पूछने पर उसने बताया था कि वह इस बात से पूरी तरह अनभिज्ञ थी कि किसी भी समय की घटना को कंट्रोल रूम को सूचना दी जा सकती है। उसे केवल इतना पता था कि घटना के समय कंट्रोल रूम को सूचना दी जाए तो उसी पर ही कार्रवाई की जाती है। इधर, इस संबंध में एसओ राजपुर अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि रविवार को मुकदमे की विवेचना अधिकारी ने पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं। इसके अलावा संस्थान में जाकर भी जानकारी जुटाई है। सोमवार को मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आरोपी छात्र की तलाश के लिए दो टीमें बनाई गई हैं। जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
विज्ञापन
देहरादून।
एनआईईपीवीडी (पूर्व में एनआईवीएच) में शारीरिक उत्पीड़न की शिकार छात्रा ने पुलिस और प्रशासन के कई अफसरों को अपनी पीड़ा बयां करनी चाही थी। इसके लिए उसने कई बार अधिकारियों को फोन भी मिलाए, लेकिन दुर्भाग्य से किसी का फोन नहीं उठा। यह सब बातें पीड़िता ने रविवार को बाल आयोग की अध्यक्ष को बताईं। इधर, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सोमवार को पीड़िता के मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज किए जाएंगे।
दरअसल, छात्रा एनआईईपीवीडी में गत डेढ़ साल से रह रही है। वर्तमान में वह दो वर्षीय पाठ्यक्रम के दूसरे वर्ष की पढ़ाई कर रही है। जबकि आरोपी छात्र राकेश रावत कैंपस से बाहर रहता था और क्लास अटेंड करने के बाद शाम तक कैंपस में ही घूमता रहता था। वह तरह-तरह के बहाने बनाकर छात्रा को अपने पास बुलाता रहता था और उसे प्रताड़ित करता रहता था। आरोप है कि जब छात्रा चिल्लाने का प्रयास करती तो वह उसे डरा धमकाकर चुप करवा देता था। करीब तीन माह पहले उसकी इन हरकतों से आजिज आकर छात्रा ने प्रबंधन से भी शिकायत की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने बताया कि छात्रा ने कई बार एसएसपी, एसपी सिटी और अन्य अधिकारियों को फोन किए, लेकिन किसी का फोन नहीं उठा। इसके बाद उसने जिलाधिकारी से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे भी संपर्क नहीं हो पाया। अध्यक्ष ऊषा नेेगी ने बताया कि हालांकि, इस दौरान छात्रा ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन नहीं किया। इसका कारण पूछने पर उसने बताया था कि वह इस बात से पूरी तरह अनभिज्ञ थी कि किसी भी समय की घटना को कंट्रोल रूम को सूचना दी जा सकती है। उसे केवल इतना पता था कि घटना के समय कंट्रोल रूम को सूचना दी जाए तो उसी पर ही कार्रवाई की जाती है। इधर, इस संबंध में एसओ राजपुर अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि रविवार को मुकदमे की विवेचना अधिकारी ने पीड़िता के बयान दर्ज किए हैं। इसके अलावा संस्थान में जाकर भी जानकारी जुटाई है। सोमवार को मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आरोपी छात्र की तलाश के लिए दो टीमें बनाई गई हैं। जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
विज्ञापन