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दहेज के लिए किया पत्नी का खून, आठ साल की कैद

Fri, 25 Jul 2014 02:11 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 25 Jul 2014 02:11 AM IST
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8 year jail in murder case

दहेज के लिए जहर देकर पत्नी की हत्या के दोषी को अदालत ने आठ साल सश्रम कारावास और 22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। चार वर्ष पुराने मामले में अर्थदंड न देने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।

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चार सितंबर 2010 को ग्राम चमडुंगरा, गंगोलीहाट पिथौरागढ़ निवासी गोपाल गिरी ने डोईवाला थाने में दर्ज रिपोर्ट में बताया था कि उनकी भतीजी हेमा देवी की शादी 20 अप्रैल 2008 को हेमनाथ गोस्वामी से हुई थी।
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हेमनाथ मूलत: भीमताल, नैनीताल का रहने वाला है। हेमनाथ लालतप्पड़ स्थित फ्लैक्स फूड कंपनी में कार्यरत था और सुनार गांव, अठूरवाला, डोईवाला में किराये पर रह रहा था।
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गोपाल के अनुसार हेमनाथ को हैसियत के अनुसार दान दिया गया था, लेकिन वह मोटरसाइकिल लाने की मांग करता रहा।

पोस्टमार्टम में हुई जहर देने की पुष्टि

8 year jail in murder case

मार्च 2010 में उसने हेमा को उसके मायके गंगोलीहाट पिथौरागढ़ यह कहकर छोड़ दिया था कि बाइक मिलने पर ही वापस ले जाएगा। गोपाल ने बताया कि हेमा की मां ने बाइक खरीदवाने के लिए किसी तरह 10 हजार रुपये जुटाए।

इसके बाद हेमनाथ पत्नी को डोईवाला ले आया। चार सितंबर 2010 को हेमा की छत से गिरकर मौत की खबर दी गई। पुलिस ने कुछ दिन बाद फरार हेमनाथ को गिरफ्तार कर लिया था।

चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश शमशेर अली की अदालत में सुनवाई के दौरान हेमा की मां गीता देवी ने कहा कि मौत से एक दिन पहले हेमा ने फोन कर बताया था कि उससे मारपीट की जा रही है।

सुनवाई के दौरान पेश पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हेमा की पीठ और कलाई पर खरोंच के निशान के साथ ही मौत का कारण जहर से होना बताया गया। अभियोजन की ओर से शासकीय अधिवक्ता अशोक उभान ने दोषी को सख्त से सख्त सजा सुनाए जाने की मांग की।

सजा कम करने के लिए ग‌िड़ग‌िड़ाने लगा

8 year jail in murder case

दोषी ने अदालत से कहा कि घर में उसकी वृद्ध मां और छोटा बच्चा है। उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। उसका कहना था कि वह पिछले चार साल से जेल में बंद है लेकिन कोई पिछला आपराधिक इतिहास नहीं है। उसने गुहार लगाई कि बच्चे के भविष्य को देखते हुए उसे कम सजा दी जाए।

ढाई साल के बच्चे को छोड़ भागा था
अदालत में सुनवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि हेमनाथ हेमा की मौत के बाद ढाई साल के अबोध बच्चे को घर पर अकेला छोड़कर फरार हो गया था। पड़ोसियों और बाद में हेमा के परिजनों ने उसे संभाला। फिलहाल बच्चा हेमनाथ की मां के साथ अठूरवाला में रह रहा है।

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