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पूर्व अपर सचिव रमेश लोहनी के खिलाफ मुकदमा
Updated Tue, 24 Apr 2018 02:32 AM IST
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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
सेवानिवृत्ति के 20 माह बाद भी सरकारी आवास न छोड़ने पर पूर्व अपर सचिव रमेश चंद लोहनी के खिलाफ न्याय विभाग की अनुसचिव विजय अंजू भारती ने नेहरू कॉलोनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। कई बार कहने के बाद भी पूर्व अपर सचिव सरकारी आवास नहीं छोड़ रहे थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रमेशचंद लोहनी उत्तराखंड शासन में अपर सचिव के पद पर तैनात थे। उन्हें रेसकोर्स स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी में सरकारी आवास आवंटित किया गया था। लोहनी अगस्त 2016 में अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए थे। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद यह आवास न्याय विभाग में अनुसचिव विजय अंजू भारती को आवंटित कर दिया गया था। इसके बाद विजय अंजू ने आवास पर काबिज होने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी, लेकिन लोहनी ने आवास खाली करने से इनकार कर दिया। इस बीच लोहानी को एक मार्च 2017 से 28 फरवरी 2018 तक के लिए पुर्ननियुक्ति दे दी गई। इसी को आधार बनाकर वे आवास पर काबिज रहे। जबकि, नियमानुसार रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पुर्ननियुक्ति में अधिकारी को केवल वाहन और स्टाफ की ही सुविधा दी जाती है। सरकारी आवास पर उसका कोई अधिकार नहीं होता है। बावजूद इसके विजय अंजू विभागीय स्तर से ही आवास पाने का प्रयास करतीं रही। लेकिन लोहनी की पुर्ननियुक्ति के अवधि समाप्त होने के बाद उन्होंने मामले को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने नेहरू कॉलोनी थाना में उनके खिलाफ तहरीर दे दी। इंस्पेक्टर नेहरू कॉलोनी राजेश शाह ने बताया कि उनकी तहरीर की प्राथमिक जांच के बाद लोहनी के खिलाफ लोक संपत्ति कब्जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस संबंध में जब आरोपी पूर्व अपर सचिव से संपर्क किया गया तो उन्होंने व्यस्तता की बात कहते हुए कोई बात करने से इनकार कर दिया।
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सेवानिवृत्ति के 20 माह बाद भी सरकारी आवास न छोड़ने पर पूर्व अपर सचिव रमेश चंद लोहनी के खिलाफ न्याय विभाग की अनुसचिव विजय अंजू भारती ने नेहरू कॉलोनी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। कई बार कहने के बाद भी पूर्व अपर सचिव सरकारी आवास नहीं छोड़ रहे थे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रमेशचंद लोहनी उत्तराखंड शासन में अपर सचिव के पद पर तैनात थे। उन्हें रेसकोर्स स्थित ऑफिसर्स कॉलोनी में सरकारी आवास आवंटित किया गया था। लोहनी अगस्त 2016 में अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए थे। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद यह आवास न्याय विभाग में अनुसचिव विजय अंजू भारती को आवंटित कर दिया गया था। इसके बाद विजय अंजू ने आवास पर काबिज होने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी, लेकिन लोहनी ने आवास खाली करने से इनकार कर दिया। इस बीच लोहानी को एक मार्च 2017 से 28 फरवरी 2018 तक के लिए पुर्ननियुक्ति दे दी गई। इसी को आधार बनाकर वे आवास पर काबिज रहे। जबकि, नियमानुसार रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पुर्ननियुक्ति में अधिकारी को केवल वाहन और स्टाफ की ही सुविधा दी जाती है। सरकारी आवास पर उसका कोई अधिकार नहीं होता है। बावजूद इसके विजय अंजू विभागीय स्तर से ही आवास पाने का प्रयास करतीं रही। लेकिन लोहनी की पुर्ननियुक्ति के अवधि समाप्त होने के बाद उन्होंने मामले को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने नेहरू कॉलोनी थाना में उनके खिलाफ तहरीर दे दी। इंस्पेक्टर नेहरू कॉलोनी राजेश शाह ने बताया कि उनकी तहरीर की प्राथमिक जांच के बाद लोहनी के खिलाफ लोक संपत्ति कब्जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस संबंध में जब आरोपी पूर्व अपर सचिव से संपर्क किया गया तो उन्होंने व्यस्तता की बात कहते हुए कोई बात करने से इनकार कर दिया।
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