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गैंगवार के चलते तीन जेलों को माना संवेदनशील
Updated Sat, 23 Dec 2017 01:53 AM IST
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गैंगवार के चलते तीन जेलों को माना संवेदनशील
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
कई आपराधिक गैंगों के बीच गैंगवार के चलते प्रदेश की देहरादून, हरिद्वार और रुड़की जेल को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है। आईजी जेल पीवीके प्रसाद ने शातिर अपराधियों के गैंग से जुड़े गुर्गों पर खास नजर रखने को कहा है। कहा कि उनसे मुलाकात करने वाले लोगों का भी रिकार्ड रखा जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में उन पर शिकंजा कसा जा सके।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय कई गैंगाें के बीच गैंगवार चल रही है, जिससे उत्तराखंड भी प्रभावित है। सुनील राठी और चीनू पंडित की गैंगवार किसी से छिपी नहीं है। दोनों एक-दूसरे के खून के प्यासे हैं। राठी ने रुड़की जेल से बाहर निकलते हुए चीनू पंडित पर जान लेवा हमला किया था। चीनू तो बच गया, मगर तीन लोग मारे गए थे। हाल में ही दूसरी गैंगवार में देवपाल राणा की रुड़की कोर्ट परिसर में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मृतक और आरोपी पक्ष के तार पूर्व में सुनील राठी और संजीव जीवा से जुड़े रहे। ऐसे में इन गैंगाें की खूनी रंजिश कब नया गुल खिला दे, यह कहना मुश्किल है। इसी कड़ी में पुलिस महानिरीक्षक जेल पीवीके प्रसाद ने देहरादून, हरिद्वार और रुड़की जेल प्रशासन को अलर्ट किया है। कहा गया है कि इन गैंगाें से जुड़े सदस्याें को अलग-अलग बैरक में रखने के साथ उनकी गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखी जाए। उनसे मुलाकात करने वालों के बारे में भी रिकार्ड रखा जाए।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
कई आपराधिक गैंगों के बीच गैंगवार के चलते प्रदेश की देहरादून, हरिद्वार और रुड़की जेल को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है। आईजी जेल पीवीके प्रसाद ने शातिर अपराधियों के गैंग से जुड़े गुर्गों पर खास नजर रखने को कहा है। कहा कि उनसे मुलाकात करने वाले लोगों का भी रिकार्ड रखा जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति में उन पर शिकंजा कसा जा सके।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय कई गैंगाें के बीच गैंगवार चल रही है, जिससे उत्तराखंड भी प्रभावित है। सुनील राठी और चीनू पंडित की गैंगवार किसी से छिपी नहीं है। दोनों एक-दूसरे के खून के प्यासे हैं। राठी ने रुड़की जेल से बाहर निकलते हुए चीनू पंडित पर जान लेवा हमला किया था। चीनू तो बच गया, मगर तीन लोग मारे गए थे। हाल में ही दूसरी गैंगवार में देवपाल राणा की रुड़की कोर्ट परिसर में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। मृतक और आरोपी पक्ष के तार पूर्व में सुनील राठी और संजीव जीवा से जुड़े रहे। ऐसे में इन गैंगाें की खूनी रंजिश कब नया गुल खिला दे, यह कहना मुश्किल है। इसी कड़ी में पुलिस महानिरीक्षक जेल पीवीके प्रसाद ने देहरादून, हरिद्वार और रुड़की जेल प्रशासन को अलर्ट किया है। कहा गया है कि इन गैंगाें से जुड़े सदस्याें को अलग-अलग बैरक में रखने के साथ उनकी गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखी जाए। उनसे मुलाकात करने वालों के बारे में भी रिकार्ड रखा जाए।
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