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फूलों की घाटी में 'सेक्स पावर' खोजते 22 गिरफ्तार

Sun, 08 Jun 2014 04:45 PM IST
अमर उजाला, जोशीमठ (चमोली)
अमर उजाला, जोशीमठ (चमोली) Updated Sun, 08 Jun 2014 04:45 PM IST
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22 people arrested in valley of flower

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की टीम ने शनिवार को फूलों की घाटी क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में छापे मारकर कुल 22 लोगों को कीड़ा जड़ी का अवैध दोहन करते हुए धर दबोचा।

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स्थानीय लोगों की शिकायत पर पार्क के 24 सदस्यों की टीम ने शनिवार को दो टुकड़ियों में क्षेत्र में छापा मारा।

इस दौरान टीम को घाटी के अलग-अलग हिस्सों में 22 लोग कीड़ा जड़ी का अवैध दोहन करते पाए गये।

बड़ी मात्रा में कीड़ा जड़ी बरामद

22 people arrested in valley of flower

तलाशी लेने पर इनके पास से बड़ी मात्रा में कीड़ा जड़ी बरामद की गई। वन विभाग के अधिकारियों ने सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के एसडीओ एसके दूबे का कहना है कि फूलों की घाटी क्षेत्र में कुछ लोगों के कीड़ा जड़ी का अवैध दोहन करने की सूचना मिली थी। इसपर कार्रवाई करते हुए पार्क की टीमों ने व्यापक रूप से छापा अभियान चलाया।

नेपाली युवक भी पकड़े
मौके से पकड़े गए 22 लोगों में स्थानीय लोगों के साथ ही नेपाली मूल के कुछ युवक भी हैं। सभी लोगों पर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। कीड़ा जड़ी कितनी मात्रा में बरामद हुई है इसकी जानकारी टीम के जोशीमठ पहुंचने पर हो पाएगी।

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सेक्स पावर बढ़ाने में होता है इस्तेमाल

22 people arrested in valley of flower
हिमालयी क्षेत्र में पाया जाने वाला यारसागंबू (यौन शक्तिवर्धक जड़ी) एक तरह का फफूंद है।

तिब्बत में यारसागंबू को जाड़े का कीड़ा कहा जाता है। यह फेफड़े की कार्य विधि बढ़ाने के साथ-साथ शुक्राणुजनित रोगों के लिए फायदेमंद बताया गया है।

जंतु विज्ञानियों ने इसका वानस्पतिक नाम कारडिसेप्स साइनेंनसिक दिया है।

इसकी जड़ी 3200 से 4000 मीटर की ऊंचाई पर पाई जाती है। यह फंगस लारवा पर परजीवी के रूप में संक्रमण करता है।
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1500 साल पहले तिब्बत में हुई थी इसकी जानकारी

22 people arrested in valley of flower

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पिथौरागढ़ के जंतु विज्ञान विभाग के प्रवक्ता डॉ. सीएस नेगी के अनुसार इसकी लंबाई सात से दस सेंटीमीटर तक होती है।

कहा जाता है कि तिब्बत में इसकी जानकारी 1500 साल पहले हो गई थी। चीन के लोगों को तब आश्चर्य हुआ जब इसे जानवरों को यह कवक खिलाने से उनकी क्षमता असाधारण रूप से बढ़ गई।

रासायनिक परीक्षण का निष्कर्ष

जंतु विज्ञान विभाग के प्रवक्ता डॉ. सीएस नेगी के अनुसार यारसा गंबू में बिटामिन बी-12, मेनोटाल, कार्डिसेपिक अम्ल, इर्गोस्टाल के साथ-साथ 25 से 32 प्रतिशत तक कार्डोसेपिन और डीपाक्सीनोपिन भी होता है।

भारत में बेकद्री तो पड़ोसी देशों में क्रेज

22 people arrested in valley of flower

देश में शक्तिवर्धक जड़ी यारसागंबू की निकासी पर रोक के चलते तस्कर फायदा उठा रहे हैं, वहीं चीन और तिब्बत में कीड़ाजड़ी (यारसागंबू) की खुली बिक्री होती है और यह काफी महंगी बिकती है।

यारसागंबू के विदोहन या निकासी के लिए सरकार के पास कोई ठोस नीति भी नहीं है। अगर सरकार निकासी अनुमति दे देती तो न सिर्फ सरकारी राजस्व में इजाफा होता, बल्कि स्थानीय लोगों की समृद्धि भी बढ़ती।

यौन दुर्बलता दूर करने के साथ ही गठिया और वात रोग में कारगर यारसागंबू के विदोहन के लिए राज्य बनने के तेरह साल बाद भी सरकार ठोस नीति नहीं बना पाई है।

हिमालयी क्षेत्र में बर्फ पिघलने के बाद मई से जून समाप्ति तक यारसागंबू जड़ी निकली जाती है। मुनस्यारी में वन पंचायतों को यारसागंबू विदोहन की अनुमति है, तो धारचूला में कीड़ाजड़ी को निकालने की अनुमति नहीं है।

15 लाख रुपए में बिकती हैं ये जड़ी

22 people arrested in valley of flower

तिब्बत के तकलाकोट, ल्हासा, टेंच्यू के साथ ही चीन के बीजिंग समेत तमाम शहरों में क्लब और शोरूम में यारसागंबू की खुली बिक्री होती है।

चीन में यारसागंबू की प्रति जड़ी 150 रुपए में मिलती है, जबकि एक किलो 15 लाख रुपए में बिकती है। नेपाल में भी यारसागंबू पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

वहां दस प्रतिशत रायल्टी सरकारी खजाने में जमा करनी होती है। यह वहां इतना बड़ा कारोबार है कि वहां के लोग यहां से हेलीकाप्टर से यारसागंबू बिक्री के लिए ले जाते हैं।

इधर, वन विभाग का कहना है कि यारसागंबू की निकासी के लिए मुनस्यारी तहसील में वन पंचायतों को अनुमति है।

बियर और जूस में मिलाकर पीते हैं यारसागंबू

22 people arrested in valley of flower

भारत-चीन व्यापारी दिनेश गुंज्याल बताते हैं कि चीन के साथ ही चीन अधिकृत तिब्बत में यारसागंबू प्रतिबंधित नहीं है।

यह वहां आम दुकानों में बिकती है। इससे वहां यौनरोग की दवा के साथ ही गठिया, वात और अन्य दवाएं बनाई जाती हैं।
लोग शौकिया तौर पर इसके रस को बियर और जूस में मिलाकर पीते हैं।

क्या कहते हैं मंत्री
यारसागंबू के विदोहन के लिए नीति बननी चाहिए। इससे सरकार को राजस्व और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। इसका अध्ययन कर मुख्यमंत्री के सामने मामला रखेंगे। यारसागंबू विदोहन के लिए नीति बनवाने का प्रयास होगा।
-दिनेश अग्रवाल, वन मंत्री उत्तराखंड

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