फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   राजेश सूरी हत्याकांड: डीएम के आदेशों को 13 साल बाद पालन कराने के निर्देश

राजेश सूरी हत्याकांड: डीएम के आदेशों को 13 साल बाद पालन कराने के निर्देश

Mon, 01 Apr 2019 01:11 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 01 Apr 2019 01:11 AM IST
विज्ञापन
राजेश सूरी हत्याकांड: डीएम के आदेशों को 13 साल बाद पालन कराने के निर्देश
प्रतीकात्मक तस्वीर
ब्यूरो/अमर उजाला।
विज्ञापन

देहरादून। धोखाधड़ी और हत्या के आरोपी की भूमि की कुर्की संबंधी आदेशों को 13 साल बाद पालन कराया जाएगा। मामला अधिवक्ता राजेश सूरी की हत्या और जजेज क्वार्टर भूमि के धोखाधड़ी के आरोपी रविकांत करियाना की भूमि से संबंधित है। इस मामले में अब तक न प्रशासन ने कोई कार्रवाई की और न पुलिस ने नोटिस तामील कराए हैं। ऐसे में महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था ने इस संबंध में अब एसएसपी को जांच पड़ताल कर आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।
गौरतलब है कि अधिवक्ता राजेश सूरी की वर्ष 2014 में हुई हत्या के बाद से ही उनकी बहन रीता सूरी न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं। हत्याकांड में रविकांत करियाना और एक महिला समेत तीन लोग आरोपी हैं। करियाना पर आरोप है कि वह वर्ष 1999 में जजेज भूमि घोटाले का भी आरोपी है। उसने बलबीर रोड स्थित एक भूमि पर अवैध कब्जा किया हुआ है। इस संबंध में वर्ष 2003 में स्थानीय न्यायालय ने गिरोहबंद अधिनियम के तहत इस भूमि को संबद्ध कराने के आदेश दिए थे। इसी क्रम में जिला मजिस्ट्रेट देहरादून ने रविकांत करियाना को गैंगेस्टर एक्ट में निरुद्ध करने के आदेश दिए। 20 जुलाई, 2006 को जिलाधिकारी ने तहसीलदार देहरादून और थानाध्यक्ष डालनवाला को बलबीर रोड स्थित उस संपत्ति की कुर्की के भी आदेश दिए। बावजूद उसके बाद से न तो नोटिस तामील हुए और न ही इस संबंध में कोई कार्रवाई हुई है। इस मामले को लेकर रीता सूरी ने उच्च न्यायालय में गुहार लगाई थी। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद महानिदेशक अपराध अशोक कुमार ने एसएसपी को मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही नोटिसों को तामील न कराने के मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
विज्ञापन


महानिदेशक की ओर से आदेश मिले हैं। वर्ष 2006 की इस फाइल को निकालकर देखा जाएगा। यदि किसी भी स्तर से कहीं लापरवाही उजागर होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना तय है। -निवेदिता कुकरेती, एसएसपी देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed