{"_id":"5b3a8d484f1c1b36578b4670","slug":"161530563912-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों को स्कूल ले जा रही वैन में लगी आग","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बच्चों को स्कूल ले जा रही वैन में लगी आग
Updated Tue, 03 Jul 2018 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
बच्चों को स्कूल ले जा रही वैन में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि चालक ने समय रहते वैन में मौजूद दोनों बच्चों को सकुशल उतार लिया और अपनी भी जान बचाई। पांच बच्चों स्कूल छोड़ने के बाद वैन इन दोनों बच्चों को दूसरे स्कूल छोड़ने जा रही थी। प्राथमिक जांच में शार्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। इंस्पेक्टर नेहरू कॉलोनी, राजेश साह का कहना है कि वैन प्राइवेट नंबर की थी। इस संबंध में आज संभागीय परिवहन अधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी ताकि इस वैन के साथ ही ऐसे अन्य वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
बताया जा रहा है कि हरि सिंह निवासी माजरी माफी अपनी वैन से बच्चों को स्कूल ले-जाने और लाने का काम करता है। गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुले तो वह हमेशा की तरह सोमवार को भी माजरी माफी इलाके के सात बच्चों को स्कूल के लिए लेेकर चला था। इनमें पांच बच्चे डिफेंस कॉलोनी स्थित डीएवी स्कूल के थे, जबकि दो बच्चे आईआईपी स्कूल जाने वाले थे। उसने पहले पांच बच्चों को डीएवी स्कूल छोड़ा और बाकी दो बच्चों को लेकर आईआईपी स्कूल के लिए चल दिया। जैसे ही वह डिफेंस कॉलोनी स्थित पुलिस चौकी से आगे निकला, वैन से धुआं निकलने लगा। हरि सिंह ने भांप लिया कि वैन में कहीं आग लगी है। इसके बाद तत्काल उसने दोनों बच्चों को वैन से बाहर निकाला। इसके बाद हरि सिंह और आसपास के लोगों ने जैसे-तैसे वैन में लगी आग पर काबू पाया।
--
सख्ती के दावों के बीच बच्चों की जान से खिलवाड़ जारी
राजधानी में नहीं हो रहा स्कूल वैन और बसों में जरूरी नियमों का पालन
जिस वैन में आग लगी, उसमें नहीं थे अग्निशमन यंत्र, वैन निजी नंबर की
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राजधानी में बच्चों की जान से खिलवाड़ जारी है। स्कूल बसों और वैन में नियमों का पालन कराने के लिए समय-समय पर किए जाने वाले सख्ती के दावे सोमवार को पहले दिन स्कूल खुलते ही हवाई साबित हो गए। सोमवार को डिफेंस कॉलोनी में जिस वैन में आग लगी वह न सिर्फ खस्ताहाल थी बल्कि उसमें अग्निशमन यंत्र भी नहीं रखा गया था। इसके अलावा वैन निजी नंबर की थी। यही नहीं यह वैन किसी प्रकार से भी नियमों के अनुरूप नहीं थी। जबकि, पिछले साल राजधानी के सभी स्कूलों के लिए स्कूल वैन संबंधी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। साथ ही बीते वर्ष शहर के 18 स्कूलों को नियमों के विरुद्ध बच्चों को लाने औ ले-जाने पर नोटिस भी जारी किए गए थे।
विज्ञापन
--
स्कूल बस और वैन के लिए नियम
- स्कूल वैन पर पीली पट्टी नहीं पूरा वाहन पीला होना चाहिए।
- स्कूल वाहन में अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड किट होना अनिवार्य है।
- वाहन चालक को कम से कम पांच साल का अनुभव होना चाहिए।
- स्कूल वाहन चालक का पुलिस सत्यापन अवश्य होना चाहिए।
- नियमों के उल्लंघन में एक साल में दो बार चालान होने पर अयोग्य घोषित होना चाहिए।
- ओवरस्पीड अथवा नशे की हालत में चालक को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।
- छात्राओं को लाने एवं ले-जाने वाली बस या वैन में महिला सहायक अनिवार्य है।
- वैन अथवा स्कूल बस में स्पीड गवर्नर होना अनिवार्य है।
- वाहन में निर्धारित संख्या से अधिक बच्चे सवार नहीं होने चाहिए।
- बस या वैन का दरवाजा बंद होने वाला होना चाहिए।
- बच्चों के नाम, कक्षा, पता और स्टॉप प्वाइंट आदि की सूची होनी चाहिए।
--
प्रकरण की जानकारी नहीं है। फिर भी यदि ऐसा हुआ है तो यह गंभीर मामला है। जल्द ही विभागीय स्तर पर अभियान चलाकर सभी स्कूल वाहनों की चेकिंग की जाएगी। अनाधिकृत स्कूल वाहनों को सीज किया जाएगा। निर्धारित मानकों के अनुरूप ही स्कूल वाहनों के संचालन की अनुमति दी जाएगी। अभिभावक भी इस संबंध में सीधे परिवहन विभाग से शिकायत कर सकते हैं।
-सुधांशु गर्ग, आरटीओ
विज्ञापन
बच्चों को स्कूल ले जा रही वैन में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि चालक ने समय रहते वैन में मौजूद दोनों बच्चों को सकुशल उतार लिया और अपनी भी जान बचाई। पांच बच्चों स्कूल छोड़ने के बाद वैन इन दोनों बच्चों को दूसरे स्कूल छोड़ने जा रही थी। प्राथमिक जांच में शार्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। इंस्पेक्टर नेहरू कॉलोनी, राजेश साह का कहना है कि वैन प्राइवेट नंबर की थी। इस संबंध में आज संभागीय परिवहन अधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी ताकि इस वैन के साथ ही ऐसे अन्य वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
बताया जा रहा है कि हरि सिंह निवासी माजरी माफी अपनी वैन से बच्चों को स्कूल ले-जाने और लाने का काम करता है। गर्मी की छुट्टियों के बाद स्कूल खुले तो वह हमेशा की तरह सोमवार को भी माजरी माफी इलाके के सात बच्चों को स्कूल के लिए लेेकर चला था। इनमें पांच बच्चे डिफेंस कॉलोनी स्थित डीएवी स्कूल के थे, जबकि दो बच्चे आईआईपी स्कूल जाने वाले थे। उसने पहले पांच बच्चों को डीएवी स्कूल छोड़ा और बाकी दो बच्चों को लेकर आईआईपी स्कूल के लिए चल दिया। जैसे ही वह डिफेंस कॉलोनी स्थित पुलिस चौकी से आगे निकला, वैन से धुआं निकलने लगा। हरि सिंह ने भांप लिया कि वैन में कहीं आग लगी है। इसके बाद तत्काल उसने दोनों बच्चों को वैन से बाहर निकाला। इसके बाद हरि सिंह और आसपास के लोगों ने जैसे-तैसे वैन में लगी आग पर काबू पाया।
विज्ञापन
--
सख्ती के दावों के बीच बच्चों की जान से खिलवाड़ जारी
राजधानी में नहीं हो रहा स्कूल वैन और बसों में जरूरी नियमों का पालन
जिस वैन में आग लगी, उसमें नहीं थे अग्निशमन यंत्र, वैन निजी नंबर की
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। राजधानी में बच्चों की जान से खिलवाड़ जारी है। स्कूल बसों और वैन में नियमों का पालन कराने के लिए समय-समय पर किए जाने वाले सख्ती के दावे सोमवार को पहले दिन स्कूल खुलते ही हवाई साबित हो गए। सोमवार को डिफेंस कॉलोनी में जिस वैन में आग लगी वह न सिर्फ खस्ताहाल थी बल्कि उसमें अग्निशमन यंत्र भी नहीं रखा गया था। इसके अलावा वैन निजी नंबर की थी। यही नहीं यह वैन किसी प्रकार से भी नियमों के अनुरूप नहीं थी। जबकि, पिछले साल राजधानी के सभी स्कूलों के लिए स्कूल वैन संबंधी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। साथ ही बीते वर्ष शहर के 18 स्कूलों को नियमों के विरुद्ध बच्चों को लाने औ ले-जाने पर नोटिस भी जारी किए गए थे।
विज्ञापन
--
स्कूल बस और वैन के लिए नियम
- स्कूल वैन पर पीली पट्टी नहीं पूरा वाहन पीला होना चाहिए।
- स्कूल वाहन में अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड किट होना अनिवार्य है।
- वाहन चालक को कम से कम पांच साल का अनुभव होना चाहिए।
- स्कूल वाहन चालक का पुलिस सत्यापन अवश्य होना चाहिए।
- नियमों के उल्लंघन में एक साल में दो बार चालान होने पर अयोग्य घोषित होना चाहिए।
- ओवरस्पीड अथवा नशे की हालत में चालक को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।
- छात्राओं को लाने एवं ले-जाने वाली बस या वैन में महिला सहायक अनिवार्य है।
- वैन अथवा स्कूल बस में स्पीड गवर्नर होना अनिवार्य है।
- वाहन में निर्धारित संख्या से अधिक बच्चे सवार नहीं होने चाहिए।
- बस या वैन का दरवाजा बंद होने वाला होना चाहिए।
- बच्चों के नाम, कक्षा, पता और स्टॉप प्वाइंट आदि की सूची होनी चाहिए।
--
प्रकरण की जानकारी नहीं है। फिर भी यदि ऐसा हुआ है तो यह गंभीर मामला है। जल्द ही विभागीय स्तर पर अभियान चलाकर सभी स्कूल वाहनों की चेकिंग की जाएगी। अनाधिकृत स्कूल वाहनों को सीज किया जाएगा। निर्धारित मानकों के अनुरूप ही स्कूल वाहनों के संचालन की अनुमति दी जाएगी। अभिभावक भी इस संबंध में सीधे परिवहन विभाग से शिकायत कर सकते हैं।
-सुधांशु गर्ग, आरटीओ