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सागरमाथा का ‘माथा’ चूमकर लौटी हमारी पुलिस - सीएम

Sat, 09 Jun 2018 02:08 AM IST
Updated Sat, 09 Jun 2018 02:08 AM IST
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सागरमाथा का ‘माथा’ चूमकर लौटी हमारी पुलिस - सीएम
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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एवरेस्ट फतह कर दून लौटी पुलिस टीम के फ्लैग इन समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस एवरेस्ट विजय कर नहीं बल्कि सागरमाथा (एवरेस्ट) के माथे को चूमकर सकुशल लौटी है। उन्होंने कहा कि प्रकृति पर विजय प्राप्त नहीं की जा सकती, केवल उसका आशीर्वाद लिया जा सकता है और यही काम हमारी पुलिस ने किया है। इस दौरान सीएम ने एवरेस्ट पहुंचने वाले छह कांस्टेबलों को हेड कांस्टेबल बनाने की घोषणा की। साथ ही दल में शामिल एक इंस्पेक्टर और लीडिंग फायर मैन के वैयक्तिक वेतन वृद्धि और पूरी टीम को पांच लाख रुपये इनाम देने का एलान किया।
शुक्रवार को पुलिस लाइन में आयोजित फ्लैग समारोह में मुख्यमंत्री ने एवरेस्ट अभियान-2018 पूरा कर लौटे 15 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ती-पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला प्रदेश है। लिहाजा यहां एक ऐसी पुलिस फोर्स की जरूरत है जो इन सब परिस्थितियों में सेवा करने को तैयार रहे। गत वर्षों में प्रदेश के कई स्थानों पर आपदा आई और पुलिस ने बिना किसी विशेष प्रशिक्षण के बचाव एवं राहत अभियान चलाकर बेहतरीन सेवा की। अब यह टीम दुनिया की सबसे बड़ी चोटी सागरमाथा के शिखर पर जाकर सकुशल लौटी है। टीम का यह अनुभव आने वाले समय में पुलिस के काम आएगा। पुलिस इस अनुभव से दुर्गम से दुर्गम स्थानों पर आसानी से राहत एवं बचाव कार्य कर सकेगी। मुख्यमंत्री ने भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम चलाए जाने की इच्छा जाहिर की।
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मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने जो कर दिखाया है, वह किसी और राज्य की पुलिस ने नहीं किया। अभी महिलाओं को भी इस तरह के कार्यक्रमों में शामिल करने की जरूरत है। उन्होंने 2020 में राज्य की 20वीं सालगिरह पर महिलाओं को भी इस तरह के अभियान में भेजने की इच्छा जताई। पुलिस महानिदेशक अनिल के रतूड़ी ने कहा कि इस अभियान से पुलिस के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। मात्र साढ़े चार साल पहले गठित एसडीआरएफ एक ऐसी फोर्स बन गई है, जो कहीं भी किसी भी परिस्थिति में बचाव कार्य कर सकती है। उन्होंने इस अभियान के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद दिया और कहा कि जितनी शीघ्रता से यह कार्यक्रम सफल हुआ उसे बिना राज्य सरकार की रुचि के पूरा नहीं किया जा सकता था। अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस ने एक कीर्तिमान स्थापित किया है। उत्तराखंड पुलिस अपने इस अनुभव से पहले से ज्यादा मजबूत होकर उभरेगी। अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशासन) रामसिंह मीणा ने सभी का धन्यवाद किया।
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इनकी हुई पदोन्नति
वीरेंद्र काला, मनोज जोशी, विजेंद्र कुड़ियाल, प्रवीण सिंह, योगेश रावत और सूर्यकांत उनियाल को कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल पद पदोन्नत किया गया। साथ ही इंस्पेक्टर संजय उप्रेती और लीडिंग फायर मैन के वैयक्तिक वेतन वृद्धि की घोषणा की गई।
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टाइम लाइन (आवश्यकतानुसार)
29 मार्च 2018 : लीडर आईजी संजय कुमार गुंज्याल के नेतृत्व में उत्तराखंड पुलिस के 15 सदस्यीय दल को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पुलिस लाइन से फ्लैग ऑफ कर रवाना किया।

13 अप्रैल 2018 : टीम नेपाल की राजधानी काठमांडू, लुकला, नामाचे खुमजंग, टेंगोचे लबुचे आदि पहाड़ों से होते हुए 5400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एवरेस्ट के बेस कैंप पहुंची।
17-18 मई 2018 : टीम ने दो दलों में बंटकर एवरेस्ट की चढ़ाई शुरू की।
20 मई 2018 : प्रथम दल के पांच सदस्यों ने एवरेस्ट फतह किया।
21 मई 2018 : दूसरे दल के तीन सदस्यों ने एवरेस्ट की चोटी पर कदम रखा।
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