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उप निदेशक की जमीन बेचने के आरोप में पांच गिरफ्तार
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उप निदेशक की जमीन बेचने के आरोप में पांच गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। यूपी के उप निदेशक उद्यान डॉ. नरेंद्र शर्मा की दून में सहस्त्रधारा रोड स्थित लगभग 13 बीघा जमीन फर्जी तरीके से बेचने के मामले में पुलिस ने सोमवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने शर्मा का फर्जी आधार कार्ड बनाकर यह जालसाजी की। आईजी गढ़वाल अजय रोतेला ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
गाजियाबाद के वसुंधरा निवासी उप निदेशक उद्यान डॉ. नरेंद्र शर्मा ने एसआईटी में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उन्हाेंने बताया था कि साल 2008 में सहस्त्रधारा रोड स्थित पौने 13 बीघा जमीन राकेश कुमार निवासी नथुवावाला से खरीदी थी। 2018 में उन्हें पता चला कि अज्ञात जालसाजाें ने डॉ. नरेंद्र कुमार शर्मा बनकर यह जमीन देवपाल सिंह को बेच दी है। देवपाल ने यह जमीन सचिन त्यागी निवासी नंगला इमरती, रुड़की को बेच दी गई। फिलहाल जमीन सचिन के नाम पर है। साल 2008 से लेकर 2018 तक यह जमीन कई लोगों को बेची गई है। एसआईटी जांच में आरोप की पुष्टि होने के बाद राजपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि विवेचना के दौरान प्रकाश में आए लोगों की गिरफ्तारी के लिए एसओ राजपुर नत्थीलाल उनियाल की अगुवाई में टीम गठित की गई। पुलिस ने इरशाद निवासी बापूनगर राजपुर, रोडी मॉरिसन निवासी मोहनपुर रुड़की, देवपाल सिंह निवासी भगवानपुर, भूरा निवासी ढंढेरा फाटक निवासी रुड़की और इसरार निवासी मुंडलाना थाना मंगलौर जिला हरिद्वार को गिरफ्तार कर लिया। मामले का खुलासा करने पर आईजी गढ़वाल अजय रोतेला ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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रॉडी मॉरिसन को बनाया नरेंद्र शर्मा
एसओ नत्थीलाल उनियाल ने आरोपियों से पूछताछ के आधार पर बताया कि आरोपी देवपाल, इरशाद, इसरार और भूरा पहले से एक दूसरे के परिचित थे। भूरा ने रॉडी मॉरसिन को इनसे मिलवाया था। इसके बाद इन लोगों ने जमीन हड़पने की साजिश रची। इरशाद काफी समय से भूमि की देखरेख करता था। इस कारण उसके पास डॉ. शर्मा की रजिस्ट्री की एक प्रति भी थी। इसके बाद आरोपियों ने रॉडी मॉरिसन को भूमि स्वामी डॉ. नरेंद्र कुमार शर्मा बताकर देवपाल सिंह के नाम रजिस्ट्री कराई। बाद में देवपाल ने जमीन बेच दी। पूछताछ में पता चला कि डॉ. शर्मा के नाम के आगे रॉडी मॉरिसन का फोटो लगाकर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनवाया गया था। इसरार इस रजिस्ट्री में गवाह बताया गया है।
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। यूपी के उप निदेशक उद्यान डॉ. नरेंद्र शर्मा की दून में सहस्त्रधारा रोड स्थित लगभग 13 बीघा जमीन फर्जी तरीके से बेचने के मामले में पुलिस ने सोमवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने शर्मा का फर्जी आधार कार्ड बनाकर यह जालसाजी की। आईजी गढ़वाल अजय रोतेला ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
गाजियाबाद के वसुंधरा निवासी उप निदेशक उद्यान डॉ. नरेंद्र शर्मा ने एसआईटी में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें उन्हाेंने बताया था कि साल 2008 में सहस्त्रधारा रोड स्थित पौने 13 बीघा जमीन राकेश कुमार निवासी नथुवावाला से खरीदी थी। 2018 में उन्हें पता चला कि अज्ञात जालसाजाें ने डॉ. नरेंद्र कुमार शर्मा बनकर यह जमीन देवपाल सिंह को बेच दी है। देवपाल ने यह जमीन सचिन त्यागी निवासी नंगला इमरती, रुड़की को बेच दी गई। फिलहाल जमीन सचिन के नाम पर है। साल 2008 से लेकर 2018 तक यह जमीन कई लोगों को बेची गई है। एसआईटी जांच में आरोप की पुष्टि होने के बाद राजपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
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पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि विवेचना के दौरान प्रकाश में आए लोगों की गिरफ्तारी के लिए एसओ राजपुर नत्थीलाल उनियाल की अगुवाई में टीम गठित की गई। पुलिस ने इरशाद निवासी बापूनगर राजपुर, रोडी मॉरिसन निवासी मोहनपुर रुड़की, देवपाल सिंह निवासी भगवानपुर, भूरा निवासी ढंढेरा फाटक निवासी रुड़की और इसरार निवासी मुंडलाना थाना मंगलौर जिला हरिद्वार को गिरफ्तार कर लिया। मामले का खुलासा करने पर आईजी गढ़वाल अजय रोतेला ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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रॉडी मॉरिसन को बनाया नरेंद्र शर्मा
एसओ नत्थीलाल उनियाल ने आरोपियों से पूछताछ के आधार पर बताया कि आरोपी देवपाल, इरशाद, इसरार और भूरा पहले से एक दूसरे के परिचित थे। भूरा ने रॉडी मॉरसिन को इनसे मिलवाया था। इसके बाद इन लोगों ने जमीन हड़पने की साजिश रची। इरशाद काफी समय से भूमि की देखरेख करता था। इस कारण उसके पास डॉ. शर्मा की रजिस्ट्री की एक प्रति भी थी। इसके बाद आरोपियों ने रॉडी मॉरिसन को भूमि स्वामी डॉ. नरेंद्र कुमार शर्मा बताकर देवपाल सिंह के नाम रजिस्ट्री कराई। बाद में देवपाल ने जमीन बेच दी। पूछताछ में पता चला कि डॉ. शर्मा के नाम के आगे रॉडी मॉरिसन का फोटो लगाकर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनवाया गया था। इसरार इस रजिस्ट्री में गवाह बताया गया है।