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कबूतरबाज रश्मि नेगी श्यामपुर से गिरफ्तार
Updated Wed, 10 Oct 2018 01:44 AM IST
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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। भोलेभाले युवकों को कंबोडिया, थाईलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया में करियर संवारने का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह की सदस्य रश्मि नेगी को पुलिस ने श्यामपुर से गिरफ्तार कर लिया है। उसका एक अन्य साथी रोहित नेगी अब भी फरार है। कबूतरबाजी का मुख्य सरगना पहले से ही टिहरी जेल में बंद है। गैंग मुखिया के जेल जाने के बाद से रश्मि ही सिंडीकेट की कमान संभाल रही थी। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए करीब ढाई महीने से सिंगापुर में रह रही थी।
श्यामपुर निवासी बिजेंद्र सिंह पुत्र इंद्र सिंह रावत ने धोखाधड़ी के मामले में बीती 20 जुलाई को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। बिजेंद्र के मुताबिक रश्मि और उसके तीन साथियों ने कंबोडिया भेजने का झांसा देकर उससे तीन लाख 70 हजार रुपये ठग लिए थे। पुलिस ने रश्मि नेगी निवासी सुमन बिहार, बापूग्राम, ऋषिकेश, रोहित नेगी निवासी रेलवे रोड, ऋषिकेश व यशपाल सिंह नेगी पुत्र स्व. गब्बर सिंह निवासी हरिधाम कॉलोनी, गुमानीवाला, ऋषिकेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए रश्मि ने सिंगापुर में अड्डा जमा रखा था। हाल में ही वह श्यामपुर पहुंची थी।
टिहरी जेल में है सरगना
ऋषिकेश। कबूतरबाजी गैंग का मुख्य आरोपी यशपाल सिंह नेगी और उसकी पत्नी पूनम नेगी पहले से ही टिहरी जिला कारागार में निरुद्घ है। गैंग ने अब तक 50 लोगों को कबूतरबाजी का शिकार बनाकर करीब डेढ़ करोड़ की ठगी की। यशपाल के बाद रश्मि ही गिरोह का संचालन कर रही थी। गिरोह उत्तराखंड सहित, उप्र, प. बंगाल, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों के युवाओं को ठगी का शिकार बना चुका है।
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सोशल मीडिया को बनाया ठगी का मंच
ऋषिकेश। इंटरनेशनल ठगी गिरोह का खुलासा वर्ष 2015 में हुआ था। गिरोह के मुखिया यशपाल ने ढालवाला में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट की आड़ में युवाओं को विदेश का सपना दिखाना शुरू किया। इसके लिए सोशल मीडिया को माध्यम बनाया। मोटी पूंजी बटोरने के बाद उसने गाजियाबाद में फ्लैट ले लिया और वहीं से धंधा संचालित करने लगा था। आखिरकार कलई खुली और पत्नी सहित जेल जाना पड़ा।
ठगों से बचने का ये है आसान तरीका
विदेश भेजने का सपना दिखाने वाले ठगों से बचने का आसान तरीका यह है कि जब भी कोई संस्था इस तरह का आफर दे तो तत्काल भारतीय विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर उस एजेंसी को तलाशें। यदि उक्त एजेंसी मंत्रालय में सूचीबद्ध हो तभी कदम आगे बढ़ाएं। लाइसेंसशुदा संस्थाओं के जरिये विदेश जाने पर ही आकस्मिक परिस्थितियों में सरकारी सुविधाएं भी मिल पाती हैं।
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श्यामपुर निवासी बिजेंद्र सिंह पुत्र इंद्र सिंह रावत ने धोखाधड़ी के मामले में बीती 20 जुलाई को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। बिजेंद्र के मुताबिक रश्मि और उसके तीन साथियों ने कंबोडिया भेजने का झांसा देकर उससे तीन लाख 70 हजार रुपये ठग लिए थे। पुलिस ने रश्मि नेगी निवासी सुमन बिहार, बापूग्राम, ऋषिकेश, रोहित नेगी निवासी रेलवे रोड, ऋषिकेश व यशपाल सिंह नेगी पुत्र स्व. गब्बर सिंह निवासी हरिधाम कॉलोनी, गुमानीवाला, ऋषिकेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए रश्मि ने सिंगापुर में अड्डा जमा रखा था। हाल में ही वह श्यामपुर पहुंची थी।
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टिहरी जेल में है सरगना
ऋषिकेश। कबूतरबाजी गैंग का मुख्य आरोपी यशपाल सिंह नेगी और उसकी पत्नी पूनम नेगी पहले से ही टिहरी जिला कारागार में निरुद्घ है। गैंग ने अब तक 50 लोगों को कबूतरबाजी का शिकार बनाकर करीब डेढ़ करोड़ की ठगी की। यशपाल के बाद रश्मि ही गिरोह का संचालन कर रही थी। गिरोह उत्तराखंड सहित, उप्र, प. बंगाल, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों के युवाओं को ठगी का शिकार बना चुका है।
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सोशल मीडिया को बनाया ठगी का मंच
ऋषिकेश। इंटरनेशनल ठगी गिरोह का खुलासा वर्ष 2015 में हुआ था। गिरोह के मुखिया यशपाल ने ढालवाला में एक कोचिंग इंस्टीट्यूट की आड़ में युवाओं को विदेश का सपना दिखाना शुरू किया। इसके लिए सोशल मीडिया को माध्यम बनाया। मोटी पूंजी बटोरने के बाद उसने गाजियाबाद में फ्लैट ले लिया और वहीं से धंधा संचालित करने लगा था। आखिरकार कलई खुली और पत्नी सहित जेल जाना पड़ा।
ठगों से बचने का ये है आसान तरीका
विदेश भेजने का सपना दिखाने वाले ठगों से बचने का आसान तरीका यह है कि जब भी कोई संस्था इस तरह का आफर दे तो तत्काल भारतीय विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर उस एजेंसी को तलाशें। यदि उक्त एजेंसी मंत्रालय में सूचीबद्ध हो तभी कदम आगे बढ़ाएं। लाइसेंसशुदा संस्थाओं के जरिये विदेश जाने पर ही आकस्मिक परिस्थितियों में सरकारी सुविधाएं भी मिल पाती हैं।