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एम्स में पुलिस का चौकी का हुआ उद्घाटन
Updated Wed, 14 Feb 2018 02:04 AM IST
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ब्यूरो/ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मंगलवार को पुलिस चौकी खुल गई। शुरुआत में चौकी में एक उपनिरीक्षक और चार कांस्टेबल तैनात किए गए हैं, जिनकी संख्या जरूरत के हिसाब से भविष्य में बढ़ाने की बात एसएसपी ने कही है। मंगलवार को एम्स के ट्रामा सेंटर परिसर में विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, एम्स निदेशक प्रोफेसर डा. रवि कांत और एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने पुलिस चौकी का रिबन काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा कि एम्स में पुलिस की तैनाती से डाक्टरों, मरीजों और तीमारदार को सुरक्षा मिल सकेगी। इसके साथ ही मामूली झगड़ों के मामले भी यहीं निपटाए जा सकेंगे। एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत ने कहा कि एम्स में पुलिस चौकी की स्थापना एक बेहतर कदम है। इससे सभी को सुरक्षा मिल सकेगी।
उन्होंने संस्थान के माध्यम से पुलिसकर्मियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही है। पुलिसकर्मियों से उम्मीद जताई कि वह मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्य का पालन करेंगे। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि डाक्टर, जनता और पुलिस में समन्वय जरूरी है। एम्स में चौकी खुलने से सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान होगा। डाक्टर और मरीजों को भी पुलिस की मौजूदगी से लाभ मिलेगा। कहा कि कई बार ऐसी स्थितियां और तनाव उत्पन्न हो जाते हैं, जिससे डाक्टर व मरीज में दूरी बनती है। ऐसे में पुलिस अपनी सकारात्मक भूमिका निभा सकती है। बताया कि शुरुआत में चौकी में एक एसआई और चार कांस्टेबल को तैनात किया गया है।
एसएसपी क्राइम एंड ट्रैफिक हरिद्वार मंजूनाथ टीसी ने एम्स प्रशासन से पुलिसकर्मियों को फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों के प्रति जागरूक कराने की अपील की। साथ ही पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य जांच के लिए सप्ताह या माह में एक बार स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने का आग्रह भी किया। इस अवसर एम्स के उप निदेशक डॉ. अंशुमान गुप्ता, मेडिकल सुुपरिटेडेंट डॉ. मुकेश त्रिपाठी, डीन सुरेखा किशोर, एसपी ग्रामीण सरिता डोभाल, सीओ वीरेंद्र सिंह रावत, कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी, आईडीपीएल चौकी प्रभारी दीपक तिवारी, कविता शाह, शिवकुमार गौतम, रविंद्र राणा, इंद्रकुमार गोदवानी, अशोक पासवान, भूपेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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नियमों का पालन न करने पर बढ़ रहे सड़क हादसे
ऋषिकेश। एम्स में आयोजित कार्यक्रम के दौरान निदेशक प्रोफेसर डॉ. रवि कांत ने बढ़ते सड़क हादसों में लोगों की मौतों पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन न करने के चलते सड़क हादसों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। कहा कि ट्रैफिक नियम तो बनाए गए हैं, लेकिन उनका पालन सही ढंग से नहीं कराया जाता है। सड़क हादसों में 90 प्रतिशत दुपहिया वाहन सवारों की जान सिर्फ हेलमेट पहनने से ही बच सकती है। लिहाजा, नियमों का पालन सुनिश्चित कराना बहुत जरूरी है। कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं को कितना भी मजबूत कर लिया जाए, लेकिन जब तक लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे और उनसे ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कराया जाएगा, तब तक लोगों की मृत्यु के ग्राफ को सड़क व अन्य हादसों में कम नहीं किया जा सकता है। निदेशक ने यातायात नियमों को और ज्यादा मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लेने पर जोर दिया। एम्स की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न लैब और जटिल बीमारियों का इलाज शुरू कर दिया गया है। बताया कि अब जल्द संस्थान में रोबोट के माध्यम से भी सर्जरी शुरू करने की तैयारी है।
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उन्होंने संस्थान के माध्यम से पुलिसकर्मियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात कही है। पुलिसकर्मियों से उम्मीद जताई कि वह मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्य का पालन करेंगे। एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने कहा कि डाक्टर, जनता और पुलिस में समन्वय जरूरी है। एम्स में चौकी खुलने से सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान होगा। डाक्टर और मरीजों को भी पुलिस की मौजूदगी से लाभ मिलेगा। कहा कि कई बार ऐसी स्थितियां और तनाव उत्पन्न हो जाते हैं, जिससे डाक्टर व मरीज में दूरी बनती है। ऐसे में पुलिस अपनी सकारात्मक भूमिका निभा सकती है। बताया कि शुरुआत में चौकी में एक एसआई और चार कांस्टेबल को तैनात किया गया है।
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एसएसपी क्राइम एंड ट्रैफिक हरिद्वार मंजूनाथ टीसी ने एम्स प्रशासन से पुलिसकर्मियों को फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों के प्रति जागरूक कराने की अपील की। साथ ही पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य जांच के लिए सप्ताह या माह में एक बार स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने का आग्रह भी किया। इस अवसर एम्स के उप निदेशक डॉ. अंशुमान गुप्ता, मेडिकल सुुपरिटेडेंट डॉ. मुकेश त्रिपाठी, डीन सुरेखा किशोर, एसपी ग्रामीण सरिता डोभाल, सीओ वीरेंद्र सिंह रावत, कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी, आईडीपीएल चौकी प्रभारी दीपक तिवारी, कविता शाह, शिवकुमार गौतम, रविंद्र राणा, इंद्रकुमार गोदवानी, अशोक पासवान, भूपेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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नियमों का पालन न करने पर बढ़ रहे सड़क हादसे
ऋषिकेश। एम्स में आयोजित कार्यक्रम के दौरान निदेशक प्रोफेसर डॉ. रवि कांत ने बढ़ते सड़क हादसों में लोगों की मौतों पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन न करने के चलते सड़क हादसों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। कहा कि ट्रैफिक नियम तो बनाए गए हैं, लेकिन उनका पालन सही ढंग से नहीं कराया जाता है। सड़क हादसों में 90 प्रतिशत दुपहिया वाहन सवारों की जान सिर्फ हेलमेट पहनने से ही बच सकती है। लिहाजा, नियमों का पालन सुनिश्चित कराना बहुत जरूरी है। कहा कि देश में स्वास्थ्य सेवाओं को कितना भी मजबूत कर लिया जाए, लेकिन जब तक लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे और उनसे ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कराया जाएगा, तब तक लोगों की मृत्यु के ग्राफ को सड़क व अन्य हादसों में कम नहीं किया जा सकता है। निदेशक ने यातायात नियमों को और ज्यादा मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लेने पर जोर दिया। एम्स की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न लैब और जटिल बीमारियों का इलाज शुरू कर दिया गया है। बताया कि अब जल्द संस्थान में रोबोट के माध्यम से भी सर्जरी शुरू करने की तैयारी है।