फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   विधायक दिल्ली में, हलचल उतराखंड में

विधायक दिल्ली में, हलचल उतराखंड में

Sun, 24 Dec 2017 01:33 AM IST
Updated Sun, 24 Dec 2017 01:33 AM IST
विज्ञापन
विधायक दिल्ली में, हलचल उतराखंड में
विधायक दिल्ली में, हलचल उत्तराखंड में
विज्ञापन

ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
सोशल मीडिया पर भाजपा सरकार-संगठन की अंदरूनी राजनीति के किस्से लगातार वायरल हो रहे हैं। भाजपा के कुछ विधायकों की दिल्ली में मौजूदगी और फिर सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और अध्यक्ष अमित शाह की मुलाकात से कई चर्चाओं को ताकत मिल रही है। नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट से लेकर खाली पडे़ मंत्रियों के दो पद और दायित्व तक की सोशल मीडिया पर जितने मुंह उतनी बातें हैं। विधायकों की दिल्ली में मौजूदगी से उत्तराखंड में हलचल मच रही है।
भाजपा के कुछ विधायक पिछले दिनों कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रियों से मिले थे। इस दौरान ऑल वेदर रोड से लेकर कई अन्य मामले उठाए गए थे। महाराज ने इसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी। सोशल मीडिया यहां तक के घटनाक्रम में तो खामोश रहा, लेकिन जैसे ही सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत का अचानक से दिल्ली जाने और अमित शाह से मिलने का कार्यक्रम बना, अटकलों को पंख लग गए। इसके बाद, सोशल मीडिया पर खबरें वायरल हो रही हैं। कहा जा रहा है कि त्रिवेंद्र सरकार के तौर तरीकों से विधायक नाखुश हैं और उनकी गोलबंदी आने वाले दिनों में गुल खिला सकती है। नए नेतृत्व तक की बात इन खबरों में की जा रही है। वहीं, कुछ खबरों में मंत्रियों के खाली पद और दायित्वों से पूरे मामले को जोड़ा जा रहा है। यहां तक दावा किया जा रहा है कि एक-दो दिन में दो नए मंत्री और कई दायित्वधारी बनाए जा सकते हैं।
विज्ञापन

दरअसल, त्रिवेंद्र सरकार के नौ महीने के कार्यकाल में दायित्व न बंटने से बेचैनी की खबरें आती रही हैं, लेकिन दिल्ली में विधायकों के पहुंचने से अब इन खबरों को नया एंगल जरूर मिल रहा है। हालांकि अनौपचारिक बातचीत में भाजपा के नेता ये ही कह रहे हैं कि नाराजगी की बात नई नहीं है। दिल्ली में विधायकों की मौजूदगी के पीछे ये संदेश देने की मंशा हो सकती है कि उनकी उपेक्षा नहीं होनी चाहिए। हालांकि नेता ये मानने के लिए तैयार नहीं है कि विधायक हाईकमान के सामने अपनी नाराजगी खुलकर सामने रख सकते हैं। भाजपा के लोगों का कहना है कि नाराजगी के बावजूद अभी ये स्थिति नहीं है कि कोई हाईकमान के सामने इस तरह एकजुट होकर अपनी बात रखे। इन स्थितियों के बीच, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ज्योति गैरोला का कहना है कि नाराजगी की बात में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


----------------
हमारे यहां लोकतंत्र है। अपने केंद्रीय मंत्रियों से या फिर हाईकमान से भी मिलने का सबको अधिकार है। नाराजगी की बात में कोई सच्चाई नहीं है। बेवजह इस मामले को तूल दिया जा रहा है। त्रिवेंद्र सरकार बेहतर ढंग से काम कर रही है।
-अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed