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रकम वापस दिलाने का झांसा देकर ठगे साढ़े 41 लाख रुपये
Updated Mon, 20 Nov 2017 10:54 PM IST
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श्रीनगर। इंश्योरेंस पॉलिसी व म्युचुअल फंड की रकम वापस दिलाने का झांसा देकर ठगों ने एक रिटायर्ड कर्मचारी से लगभग साढ़े 41 लाख रुपये ठग लिए। बुजुर्ग पिछले तीन साल से ठगों के बहकावे मेें विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा करते रहे। जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ, तब तक काफी देर हो चुकी थी। स्थिति यह है कि उन्होंने अपनी रकम वापस लेने के लिए 25 लाख रुपये कर्जा भी ले लिया।
श्रीकोट गंगानाली निवासी बृजमोहन भंडारी बिजली विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उन्होंने वर्ष 2013 में इश्योरेंस पॉलिसी करवाई। इसकी सालाना किश्त 25 हजार रुपये थी। दो साल किश्त देने के बाद उन्होंने कंपनी को पॉलिसी बंद करने को कहा। इसके बाद उनके मोबाइल फोन पर कॉल आने का सिलसिला जारी हो गया, जिसमें कॉलर्स ने रुपये वापस लेने के लिए रुपये जमा करने के लिए कहा। ऐसा करते-करते उन्होंने विभिन्न बैंक खातों में साढ़े नौ लाख रुपये जमा कर दिए। इसके बाद कॉल आई, लेकिन उन्होंने रुपये जमा नहीं कराए। लगभग सात माह अप्रैल 2017 में उन्हें फिर कॉल आई कि उनकी पॉलिसी की परिपक्वता की धनराशि 80 लाख रुपये हो गई है, लेकिन इस रकम को जमा करने से पहले उनको जीएसटी सहित अन्य टैक्स जमा करने होंगे। भंडारी फिर झांसे में आ गए। उन्होंने अलग-अलग किश्तों में 32 लाख रुपये कॉलर के कहे अनुसार एक बैंक खाते में जमा कर दिए, लेकिन उनको धेला भी वापस नहीं मिला। थक हारकर उन्होंने पुलिस मुख्यालय में गुहार लगाई। प्रभारी कोतवाल जितेंद्र चौहान ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना चल रही है।
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श्रीकोट गंगानाली निवासी बृजमोहन भंडारी बिजली विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उन्होंने वर्ष 2013 में इश्योरेंस पॉलिसी करवाई। इसकी सालाना किश्त 25 हजार रुपये थी। दो साल किश्त देने के बाद उन्होंने कंपनी को पॉलिसी बंद करने को कहा। इसके बाद उनके मोबाइल फोन पर कॉल आने का सिलसिला जारी हो गया, जिसमें कॉलर्स ने रुपये वापस लेने के लिए रुपये जमा करने के लिए कहा। ऐसा करते-करते उन्होंने विभिन्न बैंक खातों में साढ़े नौ लाख रुपये जमा कर दिए। इसके बाद कॉल आई, लेकिन उन्होंने रुपये जमा नहीं कराए। लगभग सात माह अप्रैल 2017 में उन्हें फिर कॉल आई कि उनकी पॉलिसी की परिपक्वता की धनराशि 80 लाख रुपये हो गई है, लेकिन इस रकम को जमा करने से पहले उनको जीएसटी सहित अन्य टैक्स जमा करने होंगे। भंडारी फिर झांसे में आ गए। उन्होंने अलग-अलग किश्तों में 32 लाख रुपये कॉलर के कहे अनुसार एक बैंक खाते में जमा कर दिए, लेकिन उनको धेला भी वापस नहीं मिला। थक हारकर उन्होंने पुलिस मुख्यालय में गुहार लगाई। प्रभारी कोतवाल जितेंद्र चौहान ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना चल रही है।
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