फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   एसआईटी ने समाज कल्याण विभाग से 48 घंटे में मांगा रिकॉर्ड

एसआईटी ने समाज कल्याण विभाग से 48 घंटे में मांगा रिकॉर्ड

Wed, 16 Jan 2019 12:01 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jan 2019 12:01 AM IST
विज्ञापन
एसआईटी ने समाज कल्याण विभाग से 48 घंटे में मांगा रिकॉर्ड
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
विज्ञापन

छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रहे एसआईटी प्रमुख एसपी यातायात मंजूनाथ टीसी ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर हरिद्वार और देहरादून में वर्ष 2012 से 2017 तक बांटी गई छात्रवृत्ति का रिकार्ड 48 घंटे में उपलब्ध कराने को कहा है। विभागीय अधिकारियों ने समयावधि में दस्तावेज उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया है।

एसआईटी प्रभारी आईपीएस डा मंजूनाथ टीसी के आफिस में करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा की गई। एसआईटी और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद छात्रवृत्ति बांटने से संबंधित सभी जानकारियां 48 घंटे मे ंउपलब्ध कराने पर सहमति बनी। एसआईटी ने वर्ष 2012 से 2017 तक हरिद्वार और देहरादून में छात्रवृत्ति के तौर पर बांटी गई रकम की जानकारी मांगी है। इसके साथ ही छात्रवृत्ति का वितरण किस आधार पर हुआ है और किन किन कालेजाें में छात्रवृत्ति बांटी गई है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने जल्द ही सभी सूचनाएं उपलब्ध कराने की बात पर हामी भरी। बैठक में एसआईटी के सदस्य माध्यमिक शिक्षा भूपेंद्र सिंह नेगी के प्रतिनिधि केएस बिष्ट, तकनीकी शिक्षा विभाग के आरके गुप्ता, समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक योगेंद्र रावत, देहरादून के समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर और हरिद्वार के समाज कल्याण अधिकारी दीपराज अग्निहोत्री मौजूद रहे। बता दे कि एसआईटी प्रभारी ने हाईकोर्ट में समाज कल्याण विभाग द्वारा जांच में सहयोग न किए जाने की शिकायत की थी। हाईकोर्ट की नाराजगी के बाद शासन और समाज कल्याण विभाग में हड़कंप है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed