12 साल बाद याददाश्त लौटी तो बताई गुनाह की दास्तान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रुड़की की गंगनहर कोतवाली में उस समय फिल्मी कहानी की तरह सीन बन गया जब रोहतक (हरियाणा) की रहने वाली एक महिला ने कहा कि उसकी याददाश्त 12 साल बाद लौटी है।
हैरत में पड़ी पुलिस को महिला ने बताया कि उसके देवर ने उसकी हत्या की कोशिश की थी। लेकिन, वह बच गई। उसके तीन छोटे बच्चे हैं। उसका पति दिल्ली पुलिस में तैनात है। महिला की कहानी सुनने के बाद पुलिस उसके परिवार की तलाश में जुट गई है।
सोमवार को एक महिला गंगनहर कोतवाली पहुंची। इसने पुलिस को बताया कि वह मौत के मुंह से लौटी है। उसका यह हाल करने वाला उसका देवर था।
यह सुनकर पुलिस के होश उड़ गए। महिला ने अपना नाम सीमा शर्मा बताया। मायका रोहतक के बेरी गांव में बताया। जबकि उसकी ससुराल रोहतक के एक गांव में है।
देवर ने उसके साथ की मारपीट
महिला ने बताया कि उसका पति मनोज कुमार दिल्ली पुलिस में है। आपबीती सुनाते हुए उसने कहा कि 12 साल पहले उसके ससुराल के लोग उससे अच्छा व्यवहार नहीं करते थे।
इस पर उसका पति उसे लेकर दिल्ली पहुंचा। वहां वह अपने पति और तीन बच्चों के साथ एक किराये के मकान में रहने लगी। उस समय उसकी बड़ी बेटी रिंकू पांच साल, छोटी बेटी रिचा तीन साल और सबसे छोटा बेटा रोहित दो साल का था।
कुछ दिन बाद उसका देवर भी पढ़ाई के लिए दिल्ली आकर उनके साथ रहने लगा। डेढ़ माह तक सब ठीक चला। एक दिन उसके देवर ने उसके साथ मारपीट की। उसके बाद उसे कुछ पता नहीं रहा।
बच्चों और परिवार के बारे में याद हैं सारी बातें
12 साल बाद उसने खुद को हरिद्वार में पाया। सोमवार को वह हरिद्वार से एक बस में बैठकर रुड़की आई और पुलिस स्टेशन का पता पूछकर कोतवाली गंगनहर पहुंची।
उसने पुलिस से कहा कि वह अपने परिवार के पास जाना चाहती है। पुलिस ने सीमा शर्मा से पूछा कि वह 12 साल तक कहां रही तो उसने बताया कि इस संबंध में उसे कुछ याद नहीं है। हालांकि अपने बच्चों और परिवार के बारे में उसे सारी बातें याद हैं।
एसएसआई देवराज शर्मा ने बताया कि महिला ने जो कुछ बताया है उसके आधार पर उसके परिजनों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उनके मिलने के बाद पता चल पाएगा कि असलियत क्या है। रोहतक पुलिस से संपर्क किया जा रहा है। महिला की बातों से लगता है कि चोट लगने के कारण वह अपनी याददाश्त खो गई होगी। अब उसकी याददाश्त लौटी है।