{"_id":"af851fa9ab24e64c964fcdb74b57c08a","slug":"crime-in-doonga-farmhouse-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फार्म हाउस मिस्ट्री से देहरादून में हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फार्म हाउस मिस्ट्री से देहरादून में हड़कंप
राकेश शर्मा / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 20 Feb 2016 10:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देहरादून डूंगा फार्म हाउस में कारोबारी मनोज गुप्ता और उनकी महिला मित्र के साथ क्या हुआ, यह तो जांच के बाद ही मालूम चलेगा, लेकिन जिस तरह घटना को अंजाम दिया गया है उससे तो यही लगता है कि शातिरों ने खूब दिमाग चलाया है।
विज्ञापन
कारोबारी को महिला के साथ गायब कर कई ऐसे सवाल छोड़ दिए, जिनके जवाब तलाशने में पुलिस को घंटों लग गए। नौकर ने खून से सने तकिए जलाकर इस मिस्ट्री को पेचीदा बना दिया। पुलिस माथापच्ची का रिजल्ट केवल यही निकला कि कारोबारी को उठाकर ले जाने के पीछे अपराधियों का मकसद उसे नुकसान पहुंचाने का नहीं है।
विज्ञापन
शहर से करीब बीस किलोमीटर दूर डूंगा के फार्म हाउस में बृहस्पतिवार रात दस बजे के बाद क्या हुआ, कोई नहीं जानता। बिस्तर और तकियों पर खून और कारोबारी मनोज गुप्ता और महिला मित्र के मोबाइल फोन स्विच ऑफ होने के कारण आशंकाओं पर पुलिस को बुलाया गया। इसके बाद सवाल पर सवाल खड़े होते चले गए।
विज्ञापन
शुरूआत में पुलिस भी नहीं समझ पा रही थी कि जांच कहां से शुरू करे। इसी बीच पूछताछ में नौकर उमेश गुप्ता ने तकिए जलाने और उनके कवर से खून के धब्बे धोने की बात बताई तो रहस्य गहरा गया। पूछताछ में सख्ती की गई लेकिन नौकर के हलक से ज्यादा कुछ नहीं निकल सका।
चालक सन्नी से महिला मित्र के बारे में जानकारी मिली तो पुलिस ने जांच को दूसरी तरफ मोड़ दिया। पुलिस दिग्गजों की राय पहले तो घटनाक्रम को लेकर जुदा थी, लेकिन इस बात पर सब एकमत थे कि अपराधियों का मकसद कारोबारी को नुकसान पहुंचाने का नहीं है। महिला मित्र के रोल पर भी पुलिस कुछ कहने की स्थिति में नहीं है।
फोन से संपर्क में आई महिला
कारोबारी के साथ गायब महिला (25) फोन के जरिए उसके संपर्क में आई थी। पुलिस जांच में इसकी जानकारी आई है। कुछ दिन से कारोबारी मनोज गुप्ता के उसके संपर्क में था। घुमाने के लिए बृहस्पतिवार को पहली बार दून ले आया था। महिला मित्र नोएडा से मेरठ पहुंची थी। पुलिस महिला के बारे में जानकारी हासिल कर रही है। नौकर और चालक ने उसका नाम ममता बताया है, जो गुड़गांव की बताई जा रही है।
मेरठ से दिलाया मोबाइल और सिम
कारोबारी मनोज कुमार गुप्ता ने गुड़गांव से आई महिला मित्र को मेरठ से 10 हजार रुपये का नया मोबाइल दिलाने के साथ सिम भी दिलाया था। इनोवा कार से दोनों को मेरठ से दून लेकर आए चालक सन्नी ने बताया कि उसने सिम को रिचार्ज कराया था। उसने यह भी बताया कि महिला पहली बार गुप्ता के साथ देखी गई है। फार्म हाउस के नौकर उमेश गुप्ता ने भी इसकी पुष्टि की है।
नौकर ने क्यों लिया रिस्क?
फार्म हाउस के नौकर उमेश गुप्ता की भूमिका सवालों के घेरे में है। आखिर उसने खून से सने तकियों को जलाने और कवर धोने में जल्दबाजी क्यों की? पुलिस ने पूछताछ में यह जानने का प्रयास किया कि यह काम किसी के इशारे पर तो नहीं किया गया। हालांकि काफी माथापच्ची के बाद इन सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। नौकर उमेश को प्रेमनगर थाने में रखा गया है।