सैन्य सम्मान के साथ शहीद को दी अंतिम विदाई
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उत्तरी कश्मीर के बारामुला (रफियाबाद) सेक्टर में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए राइफलमैन शिशिर मल्ल का अंतिम संस्कार शुक्रवार को उनके पैतृक गांव चंद्रबनी में सैन्य सम्मान के साथ किया गया। 3/9 गोरखा राइफल्स का सैनिक शिशिर डेढ़ वर्ष से 32 राष्ट्रीय राइफल में तैनात था।
शहीद के पैतृक आवास अमर भारती से शमशान घाट तक निकली अंतिम शव यात्रा में भारी जन सैलाब उमड़ा। गोरखा राइफल्स की नवीं बटालियन के जवानों ने मातमी धुन बजाकर और एक राउंड हवाई फायर कर शहीद को अंतिम सलामी दी।
मुख्यमंत्री हरीश रावत व काबीना मंत्री दिनेश अग्रवाल, सैन्य और सिविल प्रशासन के अधिकारियों सहित स्थानीय लोगों ने शहीद जवान के पार्थिव शरीर पर श्रद्धांजलि दी।
तिरंगे में शव देख बिलख पड़ी मां और पत्नी
शुक्रवार सुबह नौ बजे सेना के वाहन में शहीद शिशिर मल्ल का तिरंगे में लिपटा हुआ पार्थिव शरीर उसके चंद्रबनी स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लाया गया। तिरंगे में बेटे के शव को लिपटा देख परिजन बिलख पड़े।
शहीद की मां रेणु मल्ल व पत्नी संगीता मल्ल बदहवास होकर जमीन पर गिर पड़ी। लाडले की शहादत पर विलाप कर रहे परिजनों व नाते-रिश्तेदारों को सेना के अधिकारियों व जवानों ने ढांढस बंधाया। इसके बाद शहीद के आवास से शमशान घाट तक निकली शवयात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा।
गोरखा राइफल्स की सैन्य टुकड़ी ने एक राउंड हवाई फायर कर और मातमी धुन बजाकर शहीद जवान को अंतिम सलामी दी। शहीद के छोटे भाई सुशांत मल्ल ने शहीद की चिता को मुखाग्नि दी।
बेटों को खोने का दुख है पर गर्व भी: सीएम
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शहीद सैनिक शिशिर को श्रद्धाजंलि देने के बाद कहा कि देश की रक्षा में उत्तराखंड ने अपने दो बेटों देहरादून के शिशिर कुमार व बिंदुखश्रा के मोहननाथ गोस्वामी की शहादत दी है।
हमें दो वीरों को खोने पर दुख है, लेकिन साथ ही हमें गर्व भी है कि देश की रक्षा के लिए शहादत देने में हमारे जवान सबसे आगे रहते हैं। उन्होंने कश्मीर सहित अन्य हिस्सों में आतंकवाद की बढ़ती वारदातों पर चिंता जताई है।
सीएम रावत ने कहा कि इस पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है कि पिछले कुछ समय में अचानक ऐसी क्या परिस्थितियां हो गईं कि कश्मीर में आतंकवाद फिर से सर उठाने लगा है। बल्कि अब तो आतंकवाद कश्मीर से बाहर भी पैर पसारने लगा है।