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जीना इसी का नाम है : बढ़ रहा एडवेंचर में फिटनेस और रोमांच का आनंद दिलाने वाले ट्रैकिंग का क्रेज
Mon, 21 Sep 2020 02:24 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 21 Sep 2020 02:24 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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एडवेंचर में फिटनेस और रोमांच का आनंद दिलाने वाले ट्रैकिंग का क्रेज बढ़ रहा है। दून में ट्रैकिंग में युवा ही नहीं, उम्रदराज लोगों की भी रुचि बढ़ रही है। देहरादून शहर में ट्रैकिंग प्रेमियों ने दर्जनों ग्रुप बनाए हुए हैं।
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कई लोग रोजाना ट्रैकिंग पर निकल पड़ते हैं तो कोई हर हफ्ते ट्रैकिंग पर निकलते हैं। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लि. (यूजेवीएनएल) के पीआरओ विमल डबराल ने बताया कि वह 20 साल से ट्रैकिंग कर रहे हैं। इसके लिए मसूरी, मालदेवता व रायपुर पहली पसंद बन रहा है।
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पहाड़ी दुर्गम इलाके में ट्रैकिंग पसंदीदा
ट्रैकिंग प्रेमी विमल डबराल बताते है कि दुर्गम पहाड़ी इलाकों में ट्रैकिंग को सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है। शहंशाही आश्रम से मसूरी, चौकी धौलाज से भदराज, मालदेवता-क्यारा-धनौल्टी व अन्य ट्रैकिंग रूट खास पसंद किए जाते हैं।
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नौकरी व व्यवसाय के साथ ट्रैकिंग का जुनून
जिम ट्रेनर सुनील उनियाल बताते हैं कि उनके ग्रुप में 10 सदस्य हैं। इनमें से कई नौकरी तो कई व्यवसाय करते हैं। सभी में ट्रैकिंग का जुनून है। अपने पेशे के साथ ट्रैकिंग के लिए समय निकाल लेते हैं। इस ग्रुप में रेस्टोरेंट मालिक के विजय जोशी, कम्प्यूटर डीलर बलबीर राठौड़ व सिविल इंजीनियर प्रदीप केड़ा शामिल हैं।