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हाईकोर्ट : कुंभ कोविड जांच फर्जीवाड़े में लालचंदानी लैब की गिरफ्तारी पर रोक, अवैध खनन और स्टोन क्रशरों पर मांगा जवाब
Thu, 24 Jun 2021 10:38 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 24 Jun 2021 10:38 PM IST
सार
याचिकाकर्ता की ओर से रिकॉर्ड को कोर्ट के समक्ष पेश भी किया गया। कहा कि उनका लैब आईसीएमआर से मान्यता प्राप्त है।
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नैनीताल हाईकोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने हरिद्वार महाकुंभ के दौरान कोविड-19 जांच फर्जीवाड़े में फंसे डॉ. लालचंदानी लैब दिल्ली की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए उन्हें 26 जून को आईओ के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने उन्हें जांच में सहयोग करने को भी कहा है।
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न्यायमूर्ति एनएस धानिक की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार लैब की ओर से आंचल गुप्ता लालचंदानी, अर्जन लालचंदानी और मोहित लालचंदानी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने व उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की थी। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि उन्हें कुंभ मेले में टेस्ट करने के लिए मैक्स कॉरपोरेट की ओर से कार्य दिया गया था, जिसे सही तरीके से किया गया और उसका सारा रिकॉर्ड उनके पास मौजूद है।
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याचिकाकर्ता की ओर से रिकॉर्ड को कोर्ट के समक्ष पेश भी किया गया। कहा कि उनका लैब आईसीएमआर से मान्यता प्राप्त है। उनका मैक्स के साथ टेस्ट करने का अनुबंध हुआ था, न कि कोविड पीड़ितों के रजिस्ट्रेशन का। उन्हें जो सैंपल जांच के लिए उपलब्ध कराए गए, उनकी ही जांच की गई, जिसका पूरा रिकार्ड मैक्स, उत्तराखंड सरकार को उपलब्ध करा दिया गया है।
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बाकी हमारा इनसे किसी भी तरह का कोई अनुबंध नहीं हुआ है। मालूम हो कि मुख्य चिकित्साधिकारी हरिद्वार ने पुलिस में कोविड जांच फर्जीवाड़े में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोप लगाया है कि कुंभ मेले के दौरान लैब की ओर से खुद को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी तरीके से टेस्ट किए गए।
एसआईटी ने लिए नलवा लैब प्रतिनिधि के बयान
हरियाणा के हिसार की नलवा लैब के प्रतिनिधि से स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (एसआईटी) की टीम ने दोपहर बारह से शाम चार बजे तक चार घंटे पूछताछ की। एसआईटी आज शुक्रवार को मैक्स कॉरपोरेट सोसाइटी के साझेदार शरत और मल्लिका पंत से पूछताछ करेगी।
कोरोना जांच में हुए घोटाले में नामजद की गई नलवा लैब के संचालक डॉ. नवतेज नलवा से एसआईटी के रोशनाबाद स्थित कार्यालय में चार घंटे तक पूछताछ हुई। इस दौरान उनसे कई सवाल किए गए।
किस तरीके से मैक्स कॉरपोरेट सर्विस से अनुबंध हुआ और किस तरीके से जांच की गई। इसके बारे में पूछताछ की गई। नलवा लैब हिसार के डॉ. नवतेज नलवा ने बताया कि अभी जांच शुरू हुई है। इससे आगे कुछ नहीं बता सकते। जांच अधिकारी राजेश शाह ने बताया कि नलवा लैब के प्रतिनिधि के बयान दर्ज किए गए हैं।
अवैध खनन और स्टोन क्रशरों पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश में माइनिंग पॉलिसी के खिलाफ हो रहे अवैध खनन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की अनुमति के बगैर संचालित स्टोन क्रशर और आबादी क्षेत्रों में चल रहे क्रशरों के मामले में 38 से अधिक जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के बाद सरकार व याचिकाकर्ताओं को दो सप्ताह में अपने-अपने जवाब व प्रतिशपथ पत्र पेश करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई के लिए दो सप्ताह बाद की तिथि नियत की गई है।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। बाजपुर निवासी रमेश लाल, मिलख राज, रामनगर निवासी शैलजा साह, त्रिलोक चंद्र, जयप्रकाश नौटियाल, आनंद सिंह नेगी, वर्धमान स्टोन क्रशर, शिव शक्ति स्टोन क्रशर, बलविंदर सिंह, सुनील मेहरा, गुरमुख स्टोन क्रशर सहित अन्य 29 से अधिक लोगों ने हाईकोर्ट में जनहित याचिकाएं दायर कर प्रदेश की खनन नीति को चुनौती दी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से कुछ ने आबादी क्षेत्रों में चल रहे स्टोन क्रशरों को हटाने की मांग की है।
कुछ जनहित याचिकाओं में कहा गया है कि स्टोन क्रशरों की ओर से अवैध रूप से खनन किया जा रहा है और कुछ में स्टोन क्रशरों की ओर से पीसीबी मानकों को पूरा नहीं किया गया है। शैलजा साह ने जनहित याचिका दायर कर अल्मोड़ा के मासी में रामगंगा नदी किनारे से 60 मीटर दूरी पर रामगंगा स्टोन क्रशर लगाने को पीसीबी नियमों के विरुद्ध बताया। बाजपुर के रमेश लाल ने कहा है कि कोसी नदी में स्टोन क्रशर मालिकों की ओर से अवैध खनन किया जा रहा है। याचिका में कहा कि नेशनल पार्कों से सटे स्थानों पर भी स्टोन क्रशर लगाए गए हैं।