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हड़तालियों पर एस्मा लगाएं, सैलरी काटें: हाईकोर्ट

Thu, 30 Oct 2014 09:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 30 Oct 2014 09:08 AM IST
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court order on strike in uttarakhand.

हाईकोर्ट ने 48 दिन से हड़ताल पर चल रहे मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार को आदेश दिया है कि वह एस्मा (एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट) की कार्रवाई करे।

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कोर्ट ने यह भी कहा कि जिस अवधि में कर्मियों ने कार्य नहीं किया है, उस अवधि के वेतन का भुगतान न किया जाए। वेतन भुगतान भी तभी करें जब हड़ताल वापस हो जाए। यदि कर्मचारी ऐसा नहीं करते हैं तो कार्य को सुचारु चलाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
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न्यायालय ने फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विस उत्तराखंड को भी नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 नवंबर की तिथि नियत की है।

एक्टिंग चीफ जस्टिस वीके बिष्ट एवं न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। नैनीताल निवासी आनंद सिंह मेर और अधिवक्ता महेश चंद्र पंत ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि लगभग 40 दिन से वेतन की डिमांड को लेकर पूरे प्रदेश के मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसके चलते आम जनता और छात्रों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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कोर्ट का रुख सख्त, सीएम ने की अपील

court order on strike in uttarakhand.

याचियों का कहना था कि कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से आम जनता को म्यूटेशन के  साथ ही जाति प्रमाणपत्र और स्थायी प्रमाणपत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। हाल ही में हुई आर्मी, बीएसएफ और अन्य विभागों की भर्ती में कई अभ्यर्थी इस कारण प्रतिभाग नहीं कर सके हैं।

राजस्व न्यायालयों में वादों की सुनवाई और दाखिल-खारिज की कार्यवाही भी नहीं हो पा रही है। याचिकाकर्ता ने मिनिस्ट्रीयल कर्मियों की हड़ताल को खत्म कराने की मांग की थी। सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अपर महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह नेगी ने कोर्ट को बताया कि हड़ताल को खत्म कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
 
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार को आदेशित किया है कि वह कर्मचारियों पर एस्मा की कार्रवाई करें और काम को सुचारु रूप से चलाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करें। साथ ही न्यायालय ने कर्मचारी संस्था फेडरेशन ऑफ मिनिस्ट्रीयल सर्विस उत्तराखंड को भी नोटिस जारी किया है।

बोले सीएम
हाईकोर्ट के निर्देश का सम्मान होगा। जनमानस को होने वाली कठिनाई को देखते हुए कर्मचारियों से फिर अपील है कि काम पर लौट आएं। बातचीत के रास्ते खुले हैं। बातचीत से उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश करूंगा।
-हरीश रावत, मुख्यमंत्री

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