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नौकरी पेशा गर्भवती महिलाओं के पक्ष में कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

Sat, 04 Aug 2018 09:16 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Updated Sat, 04 Aug 2018 09:16 PM IST
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court historical decision on favor of pregnant women
डेमो - फोटो : डेमो

हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए गर्भवती महिलाओं के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।

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तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व अवकाश नहीं देने के राज्य सरकार के फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए तीसरे बच्चे के जन्म पर भी महिलाओं को मातृत्व अवकाश देने के आदेश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने कहा है कि यह तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व अवकाश न देना मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 की धारा-27 के खिलाफ है। अदालत ने यह भी कहा कि यह संविधान के अनुच्छेद 42 की भावना के विपरीत है।

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उर्मिला मैसी ने हाईकोर्ट में दायर की थी याचिका

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nainital high court - फोटो : google

न्यायमूर्ति राजीव शर्मा की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी की स्टाफ नर्स उर्मिला मैसी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसने वर्ष 2015 में पांच महीने के मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन किया था। लेकिन, विभाग ने इसे यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि तीसरे बच्चे के लिए मातृत्व अवकाश की अनुमति देने वाला नियम नहीं है।

याचिकाकर्ता ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने उत्तर प्रदेश मौलिक नियम-153 को अपनाया है। इसके तहत दो से अधिक बच्चों वाली महिलाओं को मातृत्व लाभ से वंचित रखा गया है।

इस नियम को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए याचिकाकर्ता ने कहा कि उत्तराखंड में राज्य की सरकारी, अर्द्ध सरकारी और अन्य क्षेत्रों में कार्यरत हजारों महिलाओं को तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व का लाभ नहीं दिया जाता है।

राज्य सरकार के फैसले को असंवैधानिक करार दिया

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uttarakhand cm trivendra singh rawat

पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व अवकाश नहीं देने के राज्य सरकार के फैसले को असंवैधानिक करार दिया है।

हाईकोर्ट ने कहा है कि यह नियम मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 की धारा-27 के प्रावधान के खिलाफ है तथा संविधान के अनुच्छेद 42 की भावना के विपरीत है।

हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिए कि तीसरे बच्चे के जन्म पर भी महिलाओं को मातृत्व अवकाश दिया जाए। कोर्ट के इस आदेश से राज्य की हजारों महिलाएं लाभान्वित होंगी।

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