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आठ साल बाद ये कांग्रेसी नेता हुआ आरोप मुक्त
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 29 Mar 2014 03:26 PM IST
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विधानसभा घेराव के दौरान जिस व्यक्ति पर पुलिस ने पथराव का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज किया, उसके खिलाफ आठ साल तक चले मामले में वह एक भी गवाह अदालत में पेश नहीं कर सकी।
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हर बार गवाही का वक्त आते ही अगली तारीख मांग ली जाती, लेकिन 14 गवाहों में से कोई कभी अदालत नहीं पहुंचा। आखिर अदालत ने अभियोजन पक्ष को गवाह पेश करने के लिए और समय देने से इनकार करते हुए आरोपी को बरी कर दिया।
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उस समय सपा में थे फुरकान
थाना डालनवाला पुलिस ने 20 अप्रैल 2006 को डोईवाला निवासी फुरकान कुरैशी और नजमा बेग के खिलाफ विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस टीम पर ईंट, पत्थर फेंकने का नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। तब कुरैशी समाजवादी पार्टी में थे।
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मुकदमे में करीब 600 अज्ञात सपा कार्यकर्ता भी शामिल थे। आरोप था कि पथराव के दौरान हरिद्वार निवासी शिवराज नेगी घायल हो गए थे, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने मामले में 14 गवाह बनाए थे, लेकिन आठ साल तक मामला चलने के बावजूद अदालत में एक भी गवाह पेश नहीं हुआ।
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शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम जयेंद्र सिंह की अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पत्रावली 2006 से लंबित है।
आठ साल में एक भी गवाह पेश नहीं
अभियोजन पक्ष की ओर से आज तक एक भी गवाह पेश नहीं किया गया। मामले की प्राचीनता को देखते हुए अभियोजन पक्ष को साक्ष्य के लिए और अवसर नहीं दिया जा सकता। आरोपी को दोषमुक्त किया जाता है। बता दें कि फुरकान अब कांग्रेस में हैं और प्रदेश स्तरीय नेताओं में गिने जाते हैं।
पुलिस की पैरवी पर सवाल
आठ साल में एक भी गवाह पेश न कर पाना पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। उत्तराखंड क्रांति दल की केंद्रीय महामंत्री प्रमिला रावत का कहना है कि प्रदेश सरकार अपने नेताओं, कार्यकर्ताओं पर लगे मामले खत्म करा रही है। पुलिस पर दबाव बनाकर मामले में भी गवाहों की पेशी नहीं होने दी गई।