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स्वामित्व के विवाद में 40 साल से आश्रम में रह रहे संत को निकाला, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

Wed, 05 Apr 2017 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Wed, 05 Apr 2017 12:29 AM IST
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   court case on pawan dham ashram 
pawan dham - फोटो : amarujala

सप्तसरोवर मार्ग स्थित पावन धाम में चल रहे स्वामित्व के विवाद के बीच एक पक्ष ने 40 साल से आश्रम में रह रहे संत स्वामी कमल शास्त्री का सामान बाहर निकालकर उनका सामान सड़क पर फेंक दिया।

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पीड़ित संत ने नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए जान, माल की गुहार लगाई है। कांग्रेसी नेता पीड़ित संत की मदद करने को आगे आए, लेकिन पुलिस ने अंदर नहीं जाने दिया।  संत आश्रम के बाहर झोपड़ी में रहने को मजबूर है। 
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सोमवार की रात काबिज पक्ष ने दूसरे पक्ष के संत स्वामी कमल शास्त्री का सामान बाहर फेंककर उन्हें बाहर कर दिया है। कमरे पर ताला जड़ दिया। कमल शास्त्री ने बताया कि सोमवार की रात को वे काली मंदिर में पूजा अर्चना के लिए गए हुए थे।
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वहां से लौटे तो देखा की उसके कमरे पर दो ताले लगे हुए हैं और उनका सामान गायब है। उसने ताला लगाने का विरोध किया तो आश्रम पर काबिज लोगों ने उस पर हमला किया।

उसने मामले की शिकायत नगर कोतवाली में दी। जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आश्रम के कोई विवाद की स्थिति न हो, इसके लिए पुलिस तैनात करा दी। वहीं मंगलवार की सुबह को स्वामी कमल शास्त्री के समर्थन में  कांग्रेसी नेता सतपाल ब्रह्मचारी, सचिन बेनीवाल, नीरव साहू आदि उन्हें काबिज कराने के लिए आश्रम पहुंचे, लेकिन आश्रम में अंदर से ताला लगा होने और पुलिस तैनात होने के चलते वे अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके।

यह है मामला और विवाद       

   court case on pawan dham ashram 
pawan dham - फोटो : amarujala

नगर कोतवाली प्रभारी अनिल जोशी ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं एहतियातन पुलिस तैनात कर दी गई है।       

यह है मामला और विवाद       
आश्रम से निकाले गए संत स्वामी कमल शास्त्री ने बताया कि वे 40 साल से पावन धाम आश्रम में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि आश्रम के संस्थापक स्वामी वेदांतानंद सन 2011 में ब्रह्मलीन हो गए। उन्होंने अपने वसीयत में किसी को भी अपना उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया था।

आरोप है कि स्वामी सहज प्रकाश ने फर्जी तरीके से अपने को उत्तराधिकारी घोषित कर आश्रम का संचालन अपने हाथ में ले लिया। पिछले दो साल से कमल शास्त्री ने एसीजेएम कोर्ट में सहज प्रकाश पर मुकदमा दायर किया है। आश्रम की दूसरी संस्था पंजाब के मोंगा में भी स्थित है, जिस पर भी ट्रस्टियों ने सहज प्रकाश पर मुकदमा दायर किया हुआ है।       
   
दूसरे पक्ष का दावा       
पावन धाम आश्रम के अध्यक्ष स्वामी सहज प्रकाश ने विज्ञप्ति जारी कर कमल शास्त्री पर आश्रम में अनाधिकृत तरीके से काबिज होने का और अवैतनिक कर्मचारी होने का आरोप लगाया है। कहना है कि कुछ कांग्रेसी नेताओं के द्वारा आश्रम पर कब्जा जमाने का प्रयास किया है। पुलिस को सूचना देकर आश्रम के साथ अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि आश्रम की संपत्ति को खुर्दबुर्द नहीं होने देंगे।       

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