फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   court ask three question to speaker govind singh kunjwal.

विधायकों की बर्खास्तगी पर कोर्ट ने स्पीकर से पूछे तीन सवाल

Mon, 25 Apr 2016 09:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल Updated Mon, 25 Apr 2016 09:46 PM IST
सार

  • कोर्ट के सवालों का जवाब देंगे कपिल सिब्बल 
  • बागी विधायकों की ओर से हाईकोर्ट में रखा गया पक्ष

विज्ञापन
court ask three question to speaker govind singh kunjwal.
कोर्ट - फोटो : demo pics

विस्तार

कांग्रेस के नौ बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त करने के मामले में सोमवार को बागी विधायकों की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सीए सुंदरम और दिनेश द्विवेदी ने लगभग दो घंटे तक अपना पक्ष रखा। पैरवीकारों ने कहा कि जब राष्ट्रपति शासन लागू हो चुका था तब इन विधायकों की सदस्यता समाप्त करने का आदेश आधारहीन है।

विज्ञापन


इस मामले में हाईकोर्ट ने स्पीकर से पूछा है कि विधायकों की बर्खास्तगी 27 मार्च को ही क्यों की गई, जबकि 28 मार्च को फ्लोर टेस्ट होना था। यह भी सवाल किया कि सदन में वित्त विधेयक पारित हुआ या नहीं। इसके अलावा येदियुरप्पा से संबंधित मामले में भी अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। कोर्ट के इन सवालों का जवाब मंगलवार को स्पीकर की ओर से पैरवी कर रहे कपिल सिब्बल देंगे।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ में सुनवाई के दौरान बागी विधायकों (याचिकाकर्ता) की ओर से दलील दी गई कि 18 मार्च को वित्त विधेयक के खिलाफ उन्होंने सदन में मत विभाजन की मांग की थी, इसका आशय यह नहीं है कि वे पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में चले गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

कोर्ट ने पूछा, सदन में वित्त विधेयक पारित हुआ या नहीं

court ask three question to speaker govind singh kunjwal.
नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : PTI

स्पीकर की ओर से यह कहा जाना कि उन्हें 19 मार्च को कारण बताओ नोटिस दे दिया गया तथा 22 मार्च को उनके पतों पर नोटिस व अन्य आरोप चस्पा कर दिए गए, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।

26 मार्च को जब उन्होंने स्पीकर से आरोपों की प्रतिलिपि मांगी तो स्पीकर की ओर से कहा गया कि आरोपों की प्रति उन्हें विगत 25 मार्च को दे दी गई थी तथा विधानसभा में स्पीकर की ओर से बताया गया था कि अंतिम सुनवाई 27 मार्च को सुबह 9 बजे होगी, लेकिन उस दिन उन्हें सुनवाई का मौका नहीं दिया।

याचियों ने कोर्ट को बताया कि स्पीकर ने इस संबंध में विभिन्न समाचार चैनलों में वक्तव्य दिए हैं, जिनकी वीडियो फुटेज कोर्ट में पेश की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जब राष्ट्रपति शासन लागू हो चुका था तो उसके बाद सदस्यता समाप्त करने का आदेश ही आधारहीन है।

उन्होंने कहा कि विधायक जो विभाजन की मांग कर रहे थे, जिसे स्पीकर ने भी स्वीकार किया है। ऐसे में उनकी बर्खास्तगी नहीं की जा सकती है। जब ध्वनिमत हुआ है तो बागी विधायकों के पार्टी छोड़ने का सवाल ही नहीं होता है। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि कांग्रेस पार्टी खुद कह रही है कि वे कांग्रेसी हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें आज तक कोई नोटिस जारी नहीं किया।

विधायकों ने येदियुरप्पा मामले का दिया उदाहरण

court ask three question to speaker govind singh kunjwal.
र्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा बागियों में प्रमुख हैं। - फोटो : file photo

उन्होंने विधायकों के बहुमत हिस्से के मत विभाजन की मांग को पार्टी छोड़ने जैसा कोई कदम नहीं बताया। साथ में कहा कि स्पीकर ने इसको नजर अंदाज किया है कि बागी विधायकों ने सीएम हरीश रावत के निष्कासन की नहीं, बल्कि उन्हें बर्खास्त करने की मांग की थी।

याचिकाकर्ता की ओर से कर्नाटक हाईकोर्ट के मामले का उदाहरण देते हुए कहा था कि वहां सात कैबिनेट मंत्री के साथ कई विधायकों ने न्यायालय से कहा था कि येदियुरप्पा सरकार ने लोगों का विश्वास खो दिया है। उन्होंने कहा कि किसी गलत बात के खिलाफ खड़ा होना अगर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाएगी तो ये लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

याचिकाकर्ता ने कहा कि कोई मंत्री पद से त्याग करते हैं तो वह दल बदल कानून के तहत नहीं आते हैं। हरीश रावत की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई थी न कि कांग्रेस के खिलाफ कोई भी गलत शब्द कहा था। 19 मार्च को जेट से दिल्ली जाने के मामले में उनकी ओर से कहा गया था कि वो दिल्ली कांग्रेस के मुख्यालय जा रहे थे।

मंगलवार को क‌पिल सिब्बल देंगे जवाब

court ask three question to speaker govind singh kunjwal.
व‌रिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल स्पीकर की पैरवी कर रहे हैं। - फोटो : अमर उजाला

न्यायालय में याचिकाकर्ताओं की ओर से पूर्व महाधिवक्ता यूके उनियाल, साकेत बहुगुणा तथा विकास बहुगुणा भी पैरवी के दौरान मौजूद रहे।

कोर्ट ने विभिन्न बिंदुओं पर मंगलवार को स्पीकर की ओर से पक्ष रखने के लिए कपिल सिब्बल को अनुमति दी है। बता दें कि हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बागी विधायक सुबोध उनियाल, शैला रानी रावत, उमेश शर्मा काऊ, कुंवर प्रणव  सिंह  चैंपियन, हरक सिंह रावत, अमृता रावत, शैलेंद्र मोहन सिंघल व प्रदीप बत्रा ने 27 मार्च को स्पीकर की ओर से उनकी सदस्यता को समाप्त करने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। कहा था कि उन्होंने पार्टी की खिलाफत नहीं की थी, वे केवल मुख्यमंत्री का विरोध कर रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed