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पार्षद स्वच्छता समिति : माह भर बाद भी नहीं आ पाई जांच रिपोर्ट, उठ रहे सवाल

Wed, 28 Feb 2024 02:52 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 28 Feb 2024 02:52 AM IST
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Councilor Sanitation Committee: Investigation report not received even after a month, questions are being raised
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II- पार्षदों की ओर से वार्डों के रखे 100 से अधिक पर्यावरण मित्र मौके से मिले थे गायब
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I- प्रशासक जिलाधिकारी ने सीडीओ को सौंपी की जांच, अभी तक जांच नहीं हुई पूरी
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Iनगर निगम की पार्षद स्वच्छता समितियों में नियुक्ति और भुगतान में हुई अनियमितताओं की जांच माहभर बाद भी नहीं आ पाई है। जांच रिपोर्ट फाइनल होने में हो रही लगातार देरी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। कहा तो यहां तक जा रहा है कि मामले को दबाव में ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश की जा रही है।
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Iशुरुआत में इस पर खूब हल्ला मचा था। प्रशासक जिलाधिकारी सोनिका ने पिछले माह मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। सीडीओ झरना कमठान इस कमेटी की कमान है। उन्हें एक माह के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन, एक माह से अधिक समय बीत चुका है पर रिपोर्ट नहीं आई। जांच पूरी होने में लगातार हो रही देरी पर कई सवाल उठने लगे हैं।
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Iसुपरवाइजर से लेकर वित्त अधिकारी तक जद में
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Iस्वच्छता समितियों में गड़बड़ी में पार्षद से लेकर सुपरवाइजर, सफाई निरीक्षक, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी से लेकर वित्त विभाग के अधिकारी भी सवालों के घेरे में हैं क्योंकि पार्षदों के बाद सुपरवाइजर ही मस्टररोल पर हस्ताक्षर करते हैं। उसके बाद सफाई निरीक्षक इन्हें वेरिफाई करते हैं। इसके बाद मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी और वित्त विभाग के संस्तुति के बाद भी वेतन जारी किया जाता था। विदित है कि नगर निगम में पार्षद स्वच्छता समितियों के माध्यम से रखे गए पर्यावरण मित्रों के नियुक्ति और भुगतान में भारी अनियमितता मिली थी। जिन कर्मचारियों के नाम से वेतन जारी किया जा रहा था वे जांच के समय मौके से गायब मिले।
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Iमामले में नगर निगम के साथ बैठक कर कुछ बिंदुओं पर आख्या मांगी गई थी। लेकिन, नगर निगम की ओर से आख्या नहीं दी गई। जवाब आने के बाद फाइनल रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी। - झरना कमठान, सीडीओ व जांच अधिकारी
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