कोरोना: पॉलीटेक्निक कॉलेज बंद, आईआईटी रुड़की में कक्षाएं रद्द, भाजपा समेत कई जगह कार्यक्रम स्थगित
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कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए उत्तराखंड के सभी पॉलीटेक्निक कॉलेज 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं। निदेशक प्राविधिक शिक्षा हरि सिंह की ओर से सभी सरकारी और प्राइवेट पॉलीटेक्निकों के प्रिंसिपलों को इसका आदेश जारी किया गया है।
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए आईआईटी रुड़की में 22 मार्च तक सभी कक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। बाद में वीकेंड पर क्लास आयोजित कर इनकी पूर्ति की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर यूएसए से लौटकर आए पीएचडी के छात्र को निगरानी में रखने के बाद छुट्टी दे दी गई है।
वहीं, सरकार के तीन साल पूरे होने पर 70 विधानसभाओं में होने वाले कार्यक्रम को लेकर भी सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही 17 से 19 मार्च तक होने वाले टिहरी झील महोत्सव भी रद्द कर दिया गया है।
प्राविधिक शिक्षा निदेशक की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना वायरस विश्व भर में तेजी से फैल रहा है। देश में भी इसके संक्रमित कुछ लोगों को चिन्हित किया गया है। उत्तराखंड में सभी स्तरों पर इससे बचाव और रोकथाम के प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों के तहत समस्त राजकीय महिला, ग्रामीण, सहायता प्राप्त संस्थान एवं निजी संस्थानों के पॉलीटेक्निकों कॉलेजों को 31 मार्च तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश
देश में कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के बीच आंगनबाड़ी केंद्र अब भी खुले हुए थे। उत्तरांचल आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश महामंत्री सुशीला खत्री के मुताबिक आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से छह साल तक के बच्चे पढ़ते हैं। कोरोना वायरस से बचाव के लिए इन केंद्रों में भी 31 मार्च तक अवकाश घोषित किया जाए। इसके बाद शाम को इसके आदेश जारी हो गए।
गृह परीक्षाएं भी 31 मार्च के बाद ही होंगी
प्रदेश में गृह परीक्षाएं भी 31 मार्च के बाद ही होंगी। गृह परीक्षा वाले सभी स्कूल भी इस दौरान बंद रहेंगे। परीक्षाओं के पिछड़ने से एक अप्रैल से शुरू होने वाला शैक्षिक सत्र भी अब पिछड़ना तय है। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सरकार ने 31 मार्च तक प्रदेश के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। हालांकि बृहस्पतिवार शाम जारी आदेश में गृह परीक्षाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी।
शुक्रवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा रानी पैन्यूली ने बताया कि बोर्ड परीक्षा वाले स्कूलों के अलावा सभी स्कूल बंद रहेंगे। सरकारी स्कूलों की गृह परीक्षाएं भी स्कूल खुलने के बाद ही होंगी। जिन निजी स्कूलों की गृह परीक्षाएं नहीं हुई हैं, उन्हें भी बाद में परीक्षा आयोजित करनी होगी। नए शैक्षिक सत्र की शुरूआत एक अप्रैल से होती है। लेकिन, सरकार के इस फैसले से नया शैक्षिक सत्र भी पिछड़ जाएगा। एक अप्रैल के बाद परीक्षा होने और परिणामों की घोषणा में कई दिन का समय लग सकता है। जिससे अप्रैल 15 के बाद नए सत्र के शुरू होने की संभावना है।
रेलवे भी सतर्क, सेनेटाइज कर भेजी जा रही ट्रेनें
कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर रेलवे भी सतर्कता बरत रहा है। प्लेटफार्म व अन्य स्थानों से लेकर ट्रेनों को भी सेनिटाइज किया जा रहा है। दून स्टेशन के अधिकारियों का भी दावा है कि किसी भी ट्रेन को बिना सेनेटाइज किए रवाना नहीं कर रहे हैं।
कोरोना संक्रमण को लेकर दून रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को जागरूक करने के लिए पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम से लगातार जागरूक किया जा रहा है। स्टेशन पर सफाई कर्मचारियों द्वारा हाई क्वालिटी डिसिनफेकटेंट (संक्रामक विरोधी) का प्रयोग किया जा रहा है। कर्मचारी सभी यात्री प्रतीक्षालय और प्लेटफार्म पर लगी बेंच को नियमित अंतराल पर सेनेटाइज कर रहे हैं।
रेलवे स्टेशन के निदेशक गणेश चंद ठाकुर ने बताया कि सभी ट्रेनों को सेनेटाइज कर भेजा जा रहा है। सीनियर कंसलटेंट (हेल्थ) की ओर से राज्य सरकार से देहरादून रेलवे स्टेशन पर मेडिकल टीम नियुक्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे कॉलोनी में भी जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। निदेशक ने बताया कि आजकल ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ भी कम नजर आ रही है।
हरिद्वार-रुड़की में कई सम्मेलन रद्द
कोरोना वायरस के खौफ का असर अब धर्मनगरी के सार्वजनिक कार्यक्रमों पर भी दिखने लगा है। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी प्रशासन ने 18 और 19 मार्च को होने वाले अखिल भारतीय संस्कृत शोध सम्मेलन को स्थगित कर दिया है। अकादमी के सचिव डॉ. आनंद भारद्वाज ने बताया कि अकादमी की ओर से दो दिवसीय अखिल भारतीय संस्कृत शोध सम्मेलन का आयोजन 18 व 19 मार्च किया जाना था। इसमें देश के 14 राज्यों के 126 विद्वान, कुलपति, आचार्य एवं शोध छात्र शामिल होने थे। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न प्रदेशों में फैल रहे कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण सम्मेलन को स्थगित कर दिया है।
आईआईटी की इंटरनेशनल कान्फ्रेंस रद्द
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए आईआईटी रुड़की में 14 और 15 मार्च को आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस को भी रद्द कर दिया गया है। इसमें यूरोप और अमेरिका से चार विदेशी विशेषज्ञ आने वाले थे। दूसरी ओर यूएसए से लौटकर आए पीएचडी के छात्र को निगरानी में रखने के बाद छुट्टी दे दी गई है।
देशभर में कोरोना के कई मामले सामने आने के बाद केंद्र सरकार की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। इसके तहत आईआईटी प्रशासन ने एहतियातन 22 मार्च तक सभी कक्षाओं को रद्द कर दिया है। यह आदेश आगे जारी रखने के लिए 20 मार्च को आईआईटी प्रशासन समीक्षा बैठक करेगा। वहीं, आईआईटी मीडिया सेल की प्रभारी सोनिका श्रीवास्तव ने बताया कि भौतिक विभाग के पीएचडी का एक छात्र करीब 10 दिन पूर्व यूएसए से लौटा था। एहतियात के तौर पर संस्थान के अस्पताल में उसे निगरानी में रखा गया था। साथ ही सिविल अस्पताल में जांच कराई गई। सब सही मिलने पर उसे छुट्टी दे दी गई।
उधर, आईआईटी में बधिरों के लिए पुनर्वास रणनीतियों पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शनिवार से शुरू होना था। इसमें यूरोप और अमेरिका से भी चार विशेषज्ञ आने वाले थे। इसके अलावा विभिन्न प्रदेशों के वैज्ञानिक और अधिकारियों की ओर से भी बधिरों के पुनर्वास के लिए आधुनिक व वैज्ञानिक तकनीक पर व्याख्यान दिया जाना था। आईआईटी प्रशासन ने अब ऐन वक्त पर कोरोना की एडवाइजरी को ध्यान में रखते हुए इसे रद्द कर दिया है। आईआईटी मीडिया सेल की प्रभारी सोनिका श्रीवास्ताव ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण यात्रा न करने की केंद्र सरकार की एडवाइजरी के चलते कांफ्रेंस को रद्द किया गया है।
अखिल भारतीय शोध सम्मेलन भी स्थगित
कोरोना वायरस के खौफ का असर अब धर्मनगरी के सार्वजनिक कार्यक्रमों पर भी दिखने लगा है। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी प्रशासन ने 18 और 19 मार्च को होने वाले अखिल भारतीय संस्कृत शोध सम्मेलन को स्थगित कर दिया है। अकादमी के सचिव डॉ. आनंद भारद्वाज ने बताया कि अकादमी की ओर से दो दिवसीय अखिल भारतीय संस्कृत शोध सम्मेलन का आयोजन 18 व 19 मार्च किया जाना था। इसमें देश के 14 राज्यों के 126 विद्वान, कुलपति, आचार्य एवं शोध छात्र शामिल होने थे। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न प्रदेशों में फैल रहे कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण सम्मेलन को स्थगित कर दिया है।
कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन स्थगित
कांग्रेस द्वारा प्रदेश सरकार के तीन वर्ष की कथित विफलताओं के खिलाफ 18 मार्च को देहरादून में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों को कोरोना वायरस संक्रमण की आशंका के चलते स्थगित कर दिया गया है।
कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह के निर्देश पर 18 मार्च को राज्य सरकार की तीन साल होने पर आयोजित कांग्रेस कमेटी का कार्यक्रम कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए स्थगित कर दिया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से कहा गया कि जिस तेजी से यह वायरस पूरे विश्व में अपने पैर पसार रहा है और महामारी का रूप ले चुका है, ऐसे समय में एहतियात बरतना चाहिए।