Corona: अमर उजाला फेसबुक लाइव में बोले कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, बाहर फंसे उत्तराखंडियों को मौका मिलते ही घर पहुंचाएगी सरकार
- कहा दूसरे राज्यों और जिलों में फंसे लोगों को मौका मिलते ही घर पहुंचाएगी सरकार
विस्तार
उत्तराखंड सरकार दूसरे राज्यों में फंसे अपने किसी भी नागरिक को दिक्कत नहीं होने देगी। किसी भी कारण से अगर उन लोगों को अभी वापस नहीं लाया जा सका तो सरकार उनके लिए सभी जरूरी इंतजाम करेगी। मंगलवार को अमर उजाला देहरादून के फेसबुक लाइव में शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि मौका मिलते ही दूसरे राज्यों और जिलों में फंसे लोगों को उनके घर पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हम महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, उत्तरप्रदेश से अपने लोगों को वापस लेकर आए हैं। दूसरे राज्यों में जो कैंप में या एक जगह लोग हैं, उन्हें लाना आसान है। एक साथ जाकर 50-100 लोगों को लाया जा सकता है। जो लोग अलग-अलग जगहों पर हैं, उन्हें लाने में दिक्कत हो रही है। अब तक जिन लोगों से संपर्क हुआ, उन्हें वापस लाया गया। जो लोग अलग-अलग हैं, उन्हें एक बस भेजकर नहीं लाया जा सकता। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अन्य राज्यों से लगातार संपर्क में है। हम फंसे हुए लोगों के लिए वहीं भोजन व अन्य जरूरी चीजों की व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के पहाड़ी जिलों के जो लोग देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर जिलों में फंसे हुए हैं, वे लोग भी लौटना चाहते हैं। ऐसे लोगों की संख्या हजारों में हो सकती है। दूसरे लोग वे हैं, कहीं बाहर से आते हुए कहीं फंस गए हैं। इन लोगों का ख्याल रखना हमारे लिए चुनौती है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कोरोना के मरीजों का औसत पूरे देश में सबसे कम है। तीन प्रभावित जिलों में भी तेजी से मरीज ठीक होकर घर लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम ऐसे ही हालात को काबू में रख सके तो अगले कुछ दिन में कोरोना फ्री स्टेट भी हो सकते हैं। हमारे यहां नए केस भी काफी कम आ रहे हैं। मदन कौशिक ने कहा कि ग्रीन जोन में केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ज्यादातर जरूरी राहत दी गई है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट, शराब की दुकानें समेत कई अन्य चीजों पर फिलहाल रोक रहेगी। येलो और रेड जोन के हॉटस्पॉट में सख्ती की गई है। देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर जिले उत्तर प्रदेश के रेड जोन वाले हिस्सों से जुड़ें हैं। गाइडलाइन के अनुसार उन्हें ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दे सकें। इसके लिए हमारा पूरा तंत्र काम कर रहा है। कंट्रोल रूम बनाए गए हैं ताकि लोगों की हर तरह की समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जा सके।
सभी लोगों को मिलेगा पर्याप्त राशन
उन्होंने कहा कि सरकार सभी लोगों को पर्याप्त मात्रा में राशन उपलब्ध करा रही है। राशन वितरण के लिए तीन अलग-अलग श्रेणी बनाई गई हैं। अंत्योदय के लिए केंद्र सरकार ने पहले तीन माह का राशन दिया। फिर तीन माह का राशन दिया जाएगा। दूसरे वे लोग हैं, जिन्हें खाद्य योजना के तहत राशन मिलता है। उन्हें तीन माह का राशन दिया गया है और तीन माह के लिए फिर मिलेगा। राज्य के करीब 10 लाख राशन कार्ड धारकों को राशन और डीबीटी के माध्यम से राहत दी जा रही है। जिन लोगों के पास राशन कार्ड नहीं हैं, गरीब व निराश्रित हैं, उन्हें राशन के पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
देरी पर नहीं लगेगा जुर्माना
उन्होंने कहा कि फरवरी-मार्च में वाहन खरीदने वालों को रजिस्ट्रेशन में हो रही देरी के लिए जुर्माना नहीं लिया जाएगा। सरकार इसके लिए पहले ही फैसला ले चुकी है। उन्होंने कहा कि सभी शुगर मिलों को किसानों का जल्दी से जल्दी और पूरा भुगतान करने के निर्देश जारी किए
गए हैं।
‘मरना ही है तो अपने घर में मरूं’
मदन कौशिक ने कहा कि उन्हें देशभर में फंसे उत्तराखंडियों के फोन आ रहे हैं, जो घर लौटने की बात कह रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरिद्वार के एक बुजुर्ग ने मुझे महाराष्ट्र से फोन किया। उन्होंने कहा कि अगर मुझे मरना ही है तो हरिद्वार में ही मरना चाहता हूं। हमने उन्हें लाने के लिए वहां के स्थानीय प्रशासन से बात की। पता चला कि वो जिस इलाके में रह रहे हैं, वो रेड जोन है। ऐसे में उनको वहां से किसी भी तरह नहीं लाया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे एक नहीं सैकड़ों मामले हैं, जिनको अलग-अलग कारणों से वापस नहीं लाया जा सका है।
जनहित में यूटर्न ले रही सरकार
सरकार के बार-बार फैसले पलटने के सवाल पर मदन कौशिक ने कहा कि जनता के हित को देखते हुए कई बार फैसले पलटने या वापस लेने पड़ते हैं। उन्होंने कहा दो कदम चलने के बाद ठिठकना भी पड़ता है। हम दूसरे राज्यों से लोगों को ला रहे हैं। उनके जिलों में भेज रहे हैं। हर बार फैसला लेने के बाद उसकी समीक्षा की जाती है। कुछ फैसले ऐसे होते हैं, जिनसे फायदे के बजाय नुकसान ज्यादा होने की आशंका रहती है। ऐसे में उस फैसले को वापस लेना या संशोधित करना पड़ता है।
ताकि पहाड़ के काम आए, पहाड़ की जवानी
मदन कौशिक ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग कोरोना के चलते पहाड़ लौटे हैं। लॉकडाउन के दौरान ऐसे सभी लोगों का डाटा जुटाया जा रहा है। वे कहां रहते थे, क्या काम करते थे, कितनी तनख्वाह मिलती थी, क्या रोजगार करते थे। जिलेवार यह रिपोर्ट तैयार की जा रही है। ज्यादातर लोग वे हैं, जो प्राइवेट काम-धंधे से जुड़े थे। वे लोग राज्य में डेयरी, सब्जी जैसे काम करना चाहें तो उन्हें मदद देंगे। जो लोग अलग-अलग सेवाओं से जुड़े थे, उन्हें राज्य में अवसर देने का प्रयास होगा। तीसरे लोग वे हैं, जो छोटे उद्योग-धंधों, निर्माण कार्यों से जुड़े रहे। हम उन्हें भी मौका और मदद देंगे ताकि वो यहीं काम करें। हालांकि स्थिति सामान्य होने और लॉकडाउन खुलने के बाद कितने लोग राज्य में ही रहेंगे, उस संख्या को देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। हमारी कोशिश है कि रोजगार के लिए पलायन करने वालों को रोजगार देकर रोकने का प्रयास करेंगे।
अर्थव्यवस्था को देंगे गति
अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान से निपटने के लिए भी राज्य सरकार तैयारी कर रही है। हमने एक कमेटी बनाई है, जो इसका अध्ययन कर रही है। राज्य सरकार के पास टैक्स से आने वाला पैसा बंद हो गया। इससे विकास कार्य होते थे और कर्मचारियों की तनख्वाह-पेंशन निकलती थी। पर्यटन, उद्योग, बाजार समेत सभी सेक्टरों को बड़ा नुकसान हुआ है। लेकिन अब सरकार इस दिशा में काम कर रही है। हमने हाईवे, रेलवे, प्राइवेट काम खोल दिए हैं। उद्योग खुल रहे हैं, काम धंधे शुरू हो रहे हैं, जिससे अर्थव्यवस्था पटरी पर लौटने लगेगी। देहरादून, नैनीताल, मसूरी जैसे इलाके एजुकेशन हब हैं। स्कूल-कॉलेज बंद होने के कारण यहां की इकोनॉमी पर भी असर पड़ेगा।
केंद्र सरकार दे रही मदद
उन्होंने कहा कि तमाम कांग्रेसी राज्य बार-बार प्रधानमंत्री से राहत पैकेज देने की मांग कर रहे हैं। भारत सरकार ने एकमुश्त एक लाख 70 हजार करोड़ का पैकेज दिया है। इसमें अंत्योदय बीपीएल, मजदूर, उद्योग, बैंकिंग जैसे कई सेक्टर के लिए राहत दी गई है। राज्यों के पास इतने संसाधन नहीं है कि वह खुद इस महामारी से निपट सकें। हालांकि राज्यों को भी अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रयास जारी रखने होंगे।
फीस और किराया नहीं रोक सकते
उन्होंने कहा कि सरकार स्कूल फीस या मकान का किराया माफी जैसा निर्णय नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि हमने प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोत्तरी पर रोक लगाई है। हम फीस माफ करने को नहीं कह सकते। स्कूलों में जो स्टाफ है, उसका वेतन इसी फीस से जाता है। हमें उन कर्मचारियों और उनके परिवारों के बारे में भी सोचना होगा। मकान मालिकों से भी हमने फिलहाल किराएदारों पर दबाव न डालने की अपील की है।
कर्मचारियों का डीए होल्ड किया
मदन कौशिक ने कहा कि सरकार ने सारे मंत्रियों और विधायकों की 30-30 फीसदी तनख्वाह काट दी। विधायक निधि का अगले दो सालों का एक-एक करोड़ रुपया रोक दिया गया है। सरकारी उद्यमों में कटौती की है। हमने कर्मचारियों को मिल रहे डीए में कटौती नहीं की है।
बस हमने इतना कहा कि इस साल हम डीए होल्ड कर रहे हैं। यह अकेली सरकार की लड़ाई नहीं
है। इस बड़ी लड़ाई में कर्मचारी भी सरकार के साथ हैं।
चारधाम प्रभावितों पर फोकस
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा पर हजारों लोग निर्भर हैं। चारधाम खुलने के बाद क्या परिस्थिति रहेगी, उसे देखना होगा। प्रभावित लोगों को हम क्या मदद दे सकते हैं, इस पर सरकार विचार कर रही है। हमारी कोशिश रहेगी कि यात्रा से जुड़े लोगों को राहत पहुंचा सकें।
यूपी से आगे चल रहे हम
यूपी के फैसलों की नकल के सवाल पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कई फैसले पड़ोसी राज्य से पहले लिए हैं। हमने 22 मार्च को ही लॉकडाउन कर दिया था। हमने सबसे पहले डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती शुरू की। हमने कोरोना स्पेसेफिक हॉस्पिटल बनाए और वहां व्यवस्थाएं जुटाई। उत्तर प्रदेश बड़ा राज्य है, इसलिए वहां के फैसले प्रमुखता से देखे जाते हैं। छोटा राज्य होने के कारण हम पर ध्यान बाद में जाता है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हम पहले फैसले नहीं कर रहे।
3000 लोगों ने देखा वीडियो
अमर उजाला देहरादून के फेसबुक पेज पर 3000 से अधिक दर्शकों ने इस वीडियो को देखा। बड़ी संख्या में दर्शकों ने फेसबुक लाइव के दौरान मदन कौशिक से सवाल भी पूछे। ज्यादातर दर्शकों ने फंसे हुए लोगों को लेकर अपने सवाल किए। उन्होंने लोगों के लगभग सभी सवालों के विस्तार से जवाब दिए।