उत्तराखंड: प्रदेश में स्कूल कब से खुलेंगे इस पर कैबिनेट बैठक में होगा फैसला
- शिक्षा सचिव ने सुनी प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन की बात
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उत्तराखंड शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन की ओर से स्कूल खोले जाने को लेकर रखी गई शर्तों को सुना। उन्होंने इस मसले पर कहा कि सबकी बात सुनी जानी है, लेकिन फैसला कैबिनेट बैठक में होगा।
शिक्षा सचिव ने कहा कि स्कूल खोलने का निर्णय शासन को नहीं बल्कि कैबिनेट को लेना है। इस मसले पर अलग-अलग लोग कई तरह की बातें कर रहे हैं। ऐसे में कैबिनेट तय करेगी कि अभी स्कूल खुलेंगे या नहीं। हालांकि इस मसले पर वह भी अपना सुझाव रखेंगे। वहीं जिलाधिकारियों से फीडबैक आना है।
स्कूल आने वाले बच्चों के अभिभावक होंगे जिम्मेदार
स्कूल खोले जाने को लेकर निजी स्कूल संचालकों ने पांच शर्तें रखी है। उनका कहना है कि बच्चे स्कूल आएंगे तो अभिभावकों को लिखकर देना होगा कि उनकी सुरक्षा के लिए वह जिम्मेदार होंगे। बच्चों को यदि कोरोना होता है तो शिक्षक प्रिंसिपल या प्रबंधन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।
निजी स्कूलों के शिक्षकों को कोरोना वॉरियर्स घोषित किया जाए, स्कूल खोलने पर जो फीस नहीं देंगे एक अक्तूबर से उन्हें लेट फीस देनी होगी। स्कूल खुलने के एक सप्ताह बाद ऑनलाइन पढ़ाई बंद कर दी जाएगी।