Lockdown: देहरादून में सील की गई भगत सिंह कॉलोनी में सात दिन के बच्चे की मौत, कोरोना जांच के लिए भेजा सैंपल
- कोरोना संक्रमण के कारण पाबंद है कॉलोनी, कोरोना जांच को लिया सैंपल
- जांच रिपोर्ट आने के बाद ही नवजात का शव परिजनों को सौंपा जाएगा
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कोरोना वायरस के चलते पाबंद की गई देहरादून की भगत सिंह कॉलोनी में एक बच्चे (उम्र सात दिन) की दून अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मौत की वजह ‘सिवियर सेप्टिक शॉक’ बताई गई है। एहतियात के लिए बच्चे का सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजा गया है।
रिपोर्ट आने के बाद ही शव परिजनों को सौंपा जाएगा। भगत सिंह कॉलोनी, डालनवाला की एक गर्भवती महिला को 13 अप्रैल को दून महिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसने वहां एक बच्चे को जन्म दिया। महिला कोरोना संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील कॉलोनी की रहने वाली थी। इसे ध्यान में रखते हुए उसका सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजा गया था। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी।
चार दिन अस्पताल में रहने के बाद मां-बच्चे को 17 अप्रैल को डिस्चार्ज कर दिया गया था। घर पहुंचने पर बच्चे को फीडिंग में दिक्कत आ रही थी। उसका पेट फूल रहा था और लगातार उल्टी भी कर रहा था।
18 अप्रैल को परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने चेकअप कर उसे दवा दी। 19 अप्रैल (रविवार) को फिर गंभीर स्थिति में बच्चे को अस्पताल लाया गया। फेफड़ों में इन्फेक्शन होने की वजह से बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा गया।
लेकिन, कोशिश के बाद भी बच्चे को बचाया नहीं जा सका। मौत का कारण ‘सिवियर सेप्टिक शॉक’ बताया जा रहा है। यह वह अवस्था होती है जब शरीर में इंफेक्शन बढ़ जाता है और अंग काम करना बंद कर देते हैं।
अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री ने बताया की रविवार को जब परिजन बच्चे को अस्पताल लाए तो उसकी स्थिति गंभीर थी। तुरंत उसे निक्कू वार्ड में भर्ती किया। पांच डॉक्टरों की टीम उसके उपचार में लगी थी। लेकिन, इंफेक्शन ज्यादा होने के कारण बचाया न जा सका। अस्पताल प्रशासन ने शिशु रोग विभागाध्यक्ष और बच्चे का इलाज कर रहे डॉक्टरों से जवाब तलब किया है।