Coronavirus Lockdown : लॉकडाउन में मोबाइल, टीवी के अधिक उपयोग से बढ़ा कंधे, गर्दन और कमर का दर्द
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लॉकडाउन में अधिकतर लोग अधिकांश समय टीवी, मोबाइल आदि पर बिता रहे हैं। अत्यधिक उपयोग से कई रोग बढ़ने की भी संभावना अधिक हो गई है।
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जिला अस्पताल अल्मोड़ा के फिजियोथेरेपी सेंटर में मई के महीने में सर्वाधिक कंधा, गर्दन और कमर दर्द से पीडि़त रोगी उपचार के लिए पहुुंचे। इससे पूर्व लॉकडाउन शुरू होने के बाद से अप्रैल माह तक थेरेपी सेंटर पूरी तरह से बंद था, लेकिन अब फिर से केंद्र चलने से लोगों को राहत मिली है।
लॉकडाउन के दौरान घरों में अधिकांश लोगों ने मोबाइल, टीवी आदि में ही अपना समय गुजारा। मनोरंजन के लिए बेहतरीन साधन टीवी, मोबाइल के अधिक इस्तेमाल का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पडऩे लगा है। मार्च के दूसरे पखवाड़े से शुरू होकर मई तक लॉकडाउन में लोग घरों में ही थे।
मई के महीने में 360 रोगी थेरेपी के लिए पहुंचे
लगभग दो माह के समय में इन चीजों का अधिक उपयोग करने से लोगों को गर्दन दर्द, कंधा दर्द, बदन दर्द की शिकायत बढऩे लगी हैं। जिला अस्पातल की फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. चारुल महेश्वरी ने बताया कि 22 मार्च को लॉकडाउन शुरू होने के बाद से अप्रैल माह तक केंद्र बंद था।
इधर, चार मई को सेंटर फिर से शुरू हुआ। जिसके बाद से मई के महीने में 360 रोगी थेरेपी के लिए पहुंचे। इससे पूर्व सामान्य स्थिति में विभिन्न रोगों के 500 से अधिक रोगी पहुंचते थे। मई के महीने में रोगियों की संख्या घटी है, लेकिन अधिकांश रोगी कंधा, गर्दन और कमर दर्द के हैं।
टीवी, मोबाइल के अधिक उपयोग से गर्दन और कंधा दर्द बढऩे के आसार हैं। वहीं लॉकडाउन में घरों के कार्य निपटाने, भारी सामान उठाने पर लोगों को कमर दर्द की शिकायत बढऩे के भी आसार हैं।