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Coronavirus Lockdown : लॉकडाउन का असर, गंगा में दिखने लगे महाशीर के झुंड

Fri, 05 Jun 2020 04:41 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal डॉ. प्रविंद्र कुमार, अमर उजाला, हरिद्वार
डॉ. प्रविंद्र कुमार, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 05 Jun 2020 04:41 PM IST
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coronavirus lockdown in uttarakhand latest news : one more positive case found, total patients are six
- फोटो : amar ujala
कोरोना वायरस एक ओर जहां दुुनिया में लाखों लोगों की मौत का कारण बन चुका है तो दूसरी तरफ देश की तमाम नदियों के साथ गंगा के लिए वरदान भी साबित हुआ है। करीब ढाई महीने के लॉकडाउन के बाद गंगा का पानी इतना शुुद्ध हो चुका है कि महाशीर मछली के झुंड आसानी से सुबह और शाम देखे जा सकते हैं।
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गुुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में जंतु एवं पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. डीएस मलिक ने ऋषिकेश, हरकी पैड़ी और हरिद्वार के जगजीतपुर से गंगा जल के सैंपल लिए थे। उन्होंने 12 अप्रैल से 15 मई तक शोध किया। प्रो. डीएस मलिक ने बताया कि ऋषिकेश में पशुलोक बैराज और हरकी पैड़ी के पास गंगा में महाशीर मछली का झुंड आसानी से दिखाई देता है। इस झुंड में 50 से 60 मछलियां रहती हैं।
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500 से 650 मिमी लंबी महाशीर पांच से अधिक झुंडों में दिखाई देती हैं। उन्होंने बताया कि सामान्यत: लॉकडाउन से पहले इतनी बड़ी संख्या में महाशीर दिखाई नहीं देती थी।
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गंगा में 20 प्रतिशत तक बढ़ी घुलनशील ऑक्सीजन

प्रो. मलिक ने बताया कि ढाई महीने के लॉकडाउन में ऋषिकेश से लिए गए गंगा जल में 20 प्रतिशत, हरकी पैड़ी के जल में 17 प्रतिशत और जगजीतपुर से लिए गंगाजल में घुलनशील ऑक्सीजन की मात्रा में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही सीवर आदि से गंगा में पहुंचने वाले प्रदूषण बढ़ाने वाले पिकलकोली फॉर्म वैक्टीरिया में 35 से 47 प्रतिशत की कमी आई है।

बिजनौर बैराज पर नजर आई डॉल्फिन

महाशीर मछली के साथ ही अब गंगा में डॉल्फिन भी नजर आने लगी है। प्रो. मलिक ने बताया कि बिजनौर बैराज के पास गंगा में डॉल्फिन दिखाई दी, जिसकी लंबाई करीब 1.5 मीटर होती है। प्रो. मलिक ने बताया कि डीएफओ मेरठ ने बिजनौर बैराज के पास गंगा में दिखाई दे रहे डॉल्फिन के झुंडों की तस्वीरें और वीडियो शेयर किया था।  करीब 30 साल बाद गंगा में आसानी से डॉल्फिन देखे जाने का एक कारण बड़े स्तर पर प्रदूषण कम होना भी है।

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