फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   coronavirus Lockdown in Uttarakhand Latest News : old man return home after 60 years, family closed door

लॉकडाउन के संकट में छह दशक बाद लौटा घर, पत्नी और बच्चों ने दरवाजा किया बंद

Tue, 19 May 2020 12:23 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 19 May 2020 12:23 PM IST
विज्ञापन
coronavirus Lockdown in Uttarakhand Latest News : old man return home after 60 years, family closed door
प्रतीकात्मक तस्वीर

साठ साल पहले घर छोड़ चुका व्यक्ति जब लॉकडाउन के संकट में असहाय होकर लौटा तो पत्नी और बच्चों ने भी उसके लिए घर के सभी दरवाजे बंद कर दिए।

विज्ञापन



Coronavirus in Uttarakhand : राज्य में मिला एक और नया संक्रमित केस, पॉजिटिव मरीजों की संख्या पहुंची 98
विज्ञापन


उत्तरकाशी जिले के जेस्तवाड़ी गांव के 80 साल के सूरत सिंह चौहान का अपने घर लौटने पर परिवार के सदस्यों ने यह कहकर स्वागत नहीं किया कि इतने सालों में उन्होंने परिवार की कोई सुध नहीं ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


चौहान जब 18 साल के थे, तभी वह 16 साल की पत्नी और दो छोटे बच्चों को बेसहारा छोड़ घर से निकल गए थे। चौहान की पत्नी बुगना देवी अब 78 साल की हैं। दो बेटे त्रेपन सिंह उम्र 63 साल और कल्याण सिंह उम्र 61 साल उनके साथ ही रहते हैं।
 

उत्तराखंड लौटने के लिए हिमाचल प्रदेश प्रशासन में अपना नाम लिखवाया

स्थानीय राजस्व अधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि कोविड-19 के कारण जब अलग-अलग राज्यों के प्रवासियों की वापसी हुई तो चौहान ने भी उत्तराखंड लौटने के लिए हिमाचल प्रदेश प्रशासन में अपना नाम लिखवा लिया।

उनके परिवार को भी बता दिया गया कि चौहान रविवार को हिमाचल से लौटेंगे, लेकिन परिवार के सदस्यों ने प्रशासन से कहा कि अपने घर में वे उनका स्वागत नहीं करेंगे। राजस्व अधिकारी ने बताया कि चौहान का एक पोता जेस्तवाड़ी गांव का प्रधान है।

'इतने सालों तक हमारी परवाह नहीं की'

प्रधान पोते ने स्थानीय प्रशासन के पास आकर अनुरोध किया कि उन्हें वापस न बुलाएं। बुगना देवी ने कहा कि ऐसे व्यक्ति को घर ले जाने का कोई मतलब नहीं, जिसने इतने सालों तक हमारी परवाह नहीं की।

कहा कि मुझे तो अब उसका चेहरा भी याद नहीं। उसके घर छोडऩे के बीस साल बाद किसी ने बताया था कि उसे हिमाचल के सोलन में देखा था।

परिवार के सदस्य लगातार चौहान को तलाशते रहे और उससे घर लौटने का अनुरोध करते रहे। लेकिन उसने इन बातों पर ध्यान नहीं दिया और आज खाली हाथ लौटने को मजबूर हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed