Coronavirus in Uttarakhand : सामने आए चार और कोरोना पॉजिटिव मरीज, कुल संक्रमितों की संख्या हुई 82
- दिल्ली से दून लौटी संक्रमित महिला का बेटा भी कोरोना पॉजिटिव
- गुरुग्राम से कोटद्वार लौटा 25 वर्षीय युवक भी निकला कोरोना संक्रमित
- प्रदेश में 80 हो गई संक्रमित मामलों की संख्या, 365 सैंपल नेगेटिव
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मामले लगातार बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को चार और लोग (एक देहरादून, एक पौड़ी और दो नैनीताल) से कोरोना संक्रमित पाए गए। इन्हें मिलाकर प्रदेश में संक्रमित मामलों की संख्या 82 हो गई है। जबकि 50 संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश में चार नए मामले मिले हैं। दून मेडिकल कॉलेज में आदर्श कॉलोनी निवासी 29 वर्षीय युवक की रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि हुई है। युवक की मां भी कोरोना से संक्रमित है। वो दिल्ली में मां का पथरी का इलाज कराकर मां के साथ ही दून लौटा था।
मां के संक्रमित मिलने के बाद बेटे को भी आइसोलेट किया गया था, जांच में वो भी संक्रमित मिला है। वहीं, पौड़ी जनपद के कोटद्वार निवासी 25 वर्षीय युवक में भी कोरोना की पुष्टि हुई है। संक्रमित युवक दो रोज पहले ही गुरुग्राम से कोटद्वार लौटा था। बेस हास्पिटल कोटद्वार से युवक का सैंपल जांच के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा गया था।
सभी प्रवासी हैं...
उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उधर कालाढूंगी निवासी 11 साल की बच्ची और बेतालघाट निवासी 24 वर्षीय युवक पॉजिटिव मिला है, ये दोनों ही गुरुग्राम से लौटे हैं। बताया जा रहा है कि बीते दिनों गुरुग्राम से लौटी जो युवती संक्रमित मिली थी, ये दोनों भी उसी के साथ बस में सवार होकर गुरुग्राम से लौटे थे। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि शुक्रवार को 367 सैंपल की रिपोर्ट आई है। जिसमें 363 नेगेटिव पाए गए। प्रदेश में संक्रमित मामलों की संख्या 82 हो गई है।
जनपद संक्रमित ठीक हुए मरीज
देहरादून 40 28
हरिद्वार 07 06
नैनीताल 14 10
ऊधमसिंह नगर 16 04
उत्तरकाशी 01 -
अल्मोड़ा 02 01
पौड़ी 02 01
वाहन ने भेजे जाने से गुस्साए मजदूरों ने बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी की
वहीं, देहरादून के घंटाघर पहुंचे श्रमिकों का सब्र अब जवाब देने लगा है। परेशान होकर अब वे डिस्टेंसिंग भी नहीं अपना रहे। इसके चलते शुक्रवार को श्रमिकों ने खूब हंगामा किया।
बिहार सरकार की ओर से घर वापसी के लिए वाहन ने भेजे जाने से गुस्साए मजदूरों ने शुक्रवार को बिहार सरकार के खिलाफ जमकर हंगामा कर नारेबाजी की। अचानक उमड़ी भीड़ को देखकर पुलिस प्रशासन के हाथ पैर फूल गए। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी उल्लंघन होता रहा। पुलिस कर्मियों ने मुश्किल से हालात पर काबू पाया।
उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड की सीमा पर स्थित कौड़िया चेकपोस्ट पर तैनात स्वास्थ्य, राजस्व और पुलिस के कर्मचारी बिना पीपीई किट के ही सुरक्षा में तैनात हैं। स्थिति यह है कि बाहरी राज्यों से पास बनाकर पहुंच रहे लोगों का स्वास्थ्य विभाग की टीम बिना पीपीई किट के थर्मल स्क्रीनिंग कर रही है।