Corona: दिल्ली से लौटे बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ी, डर के कारण अस्पताल तक ले जाने को तैयार नहीं हुए ग्रामीण
- हाल में ब्रेन का इलाज कर लौटा है बुजुर्ग, दिल्ली से लौटने के कारण खौफ में है ग्रांव के लोग
- प्रशासन ने राजस्व टीम के साथ एंबुलेंस भेजी
विस्तार
उत्तराखंड में बागेश्वर के कपकोट तहसील के दूरस्थ गांव कीमू में होम क्वारंटीन किए गए एक बुजुर्ग की रविवार को अचानक तबीयत खराब हो गई। बुजुर्ग हाल ही में दिल्ली से ब्रेन का इलाज कर लौटा है। भय के मारे गांव के लोग उसे अस्पताल लाने के लिए तैयार नहीं हुए। सूचना पर एसडीएम ने राजस्व टीम के साथ एंबुलेंस गांव भेजी। बुजुर्ग को जिला अस्पताल लाया जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार रविवार को जिला मुख्यालय से 80 किमी दूर कीमू गांव में नेत्र सिंह (64) पुत्र गाबू सिंह की तबीयत बिगड़ गई। बाहर से लौटे होने के कारण गांव के लोग बुजुर्ग को अस्पताल लाने के लिए तैयार नहीं हुए। बताया जा रहा है कि कीमू की प्रधान ममता देवी ने टेलीफोन से कंट्रोल रुम को दी। कीमू गांव जाने के लिए 80 किमी दूर गोगिना से पांच किमी पैदल चलना पड़ता है।
कपकोट के उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि उक्त व्यक्ति हाल में दिल्ली से ब्रेन का इलाज कर गांव लौटा था। उसे एहतियातन होम क्वारंटीन किया गया था। सूचना मिलने पर राजस्व टीम और एंबुलेंस गोगिना के लिए रवाना की गई है। बुजुर्ग को जिला अस्पताल भेजा जाएगा। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग की तबीयत काफी खराब है।
मुंबई से टिहरी पहुंचे थे तीनों संक्रमित
टिहरी जिले में रविवार को कोरोना संक्रमण के तीन नए केस मिलने से लोग दहशत है। जिले में कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़कर अब नौ तक पहुंच गई है। तीनों कोरोना पॉजिटिव को कोविड केयर सेंटर राजकीय नर्सिंग कॉलेज सुरसिंगधार में आइसोलेट किया गया है। तीनों संक्रमित व्यक्तियों की कांटेक्ट ट्रेसिंग और ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली जा रही है। कोरोना पॉजिटिव केस बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
रविवार को टिहरी जिले में तीन लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। ये सभी मुंबई से जिले में पहुंचे थे। सीएमओ डा. मीनू रावत ने बताया कि इनमें से दो व्यक्ति नरेंद्रनगर ब्लॉक और एक जाखणीधार ब्लॉक का है। बताया कि नरेंद्रनगर ब्लॉक के दोनों कोरोना पॉजिटिव 20 मई को मुंबई से जिले की सीमा मुनिकीरेती पहुंचे थे। जहां पर स्क्रीनिंग के बाद गांव के क्वारंटीन सेंटरों में भेजा गया था। कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर 21 मई को दोनों को श्रीदेव सुमन राजकीय संयुक्त चिकित्सालय नरेंद्रनगर में आइसोलेट किया गया। 22 मई को उनके सैंपल लेकर एम्स ऋषिकेश भेजे गए। जिसके बाद रविवार को मिली रिपोर्ट में उनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
बताया कि जाखणीधार ब्लॉक का व्यक्ति 19 मई को मुंबई से मुनिकीरेती पहुंचा था। जिसके बाद प्रशासन ने उसे वहीं क्वारंटीन सेंटर में रखा। इस व्यक्ति को गांव नहीं भेजा गया। 21 मई को उसका ब्लड सैंपल लेकर एम्स ऋषिकेश भेजा था। रविवार को उसकी भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बताया कि तीनों कोरोना पीड़ितों को कोविड केयर सेंटर सुरसिंगधार में आइसोलेशन में रखा गया है। कोविड केयर सेंटर में जिले के आठ कोरोना पीड़ित रखे हैं। जबकि एक युवक एम्स ऋषिकेश में आइसोलेशन में है। रविवार को मिले कोरोना पॉजिटिव तीनों की कांटेक्ट ट्रेसिंग और ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली जा रही है। नरेंद्रनगर ब्लॉक के दोनों व्यक्ति गांव जाते वक्त स्थानीय टैक्सी से क्वारंटीनन सेंटर पहुंचे थे। जिसके बाद अब कांटेक्ट हिस्ट्री का पता लगाना बड़ी चुनौती है।