Corona in Uttarakhand: प्रदेश में फिर बढ़ रहा संक्रमण, आठ मरीजों की मौत, 585 नए संक्रमित मिले
प्रदेश में कोरोना संक्रमण ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। बीते 24 घंटे में आठ मरीजों की मौत हुई है, जबकि 585 और लोग संक्रमित मिले हैं। देहरादून जिले में दूसरे दिन भी 200 से अधिक संक्रमित मरीज मिले हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 70790 हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार शनिवार को 11200 सैंपलों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई है। वहीं, देहरादून जिले में सबसे अधिक 210 कोरोना मरीज मिले हैं। नैनीताल में 71, चमोली में 57, हरिद्वार में 43, पौड़ी में 38, पिथौरागढ़ में 34, टिहरी में 31, ऊधमसिंह नगर में 30, रुद्रप्रयाग में 28, अल्मोड़ा में 24, उत्तरकाशी में 08, बागेश्वर में 06 और चंपावत जिले में 05 संक्रमित मिले हैं।
वहीं, दून मेडिकल कॉलेज में 01, जिला अस्पताल पिथौरागढ़ में 02, नीलकंठ मल्टी स्पेशलिटी हास्पिटल हल्द्वानी में 01, हिमालयन हास्पिटल में 01, एचएनबी बेस हास्पिटल श्रीनगर में 02, सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज में 01 संक्रमित मरीज ने दम तोड़ा है। अब कोरोना मरीजों की मौत का आंकड़ा 1146 पहुंच गया है। वहीं, शनिवार को 458 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद घर भेजा गया है। वर्तमान में 4166 सक्रिय मरीजों का उपचार चल रहा है।
बूंखाल कालिंका मंदिर में होमगार्ड और पुलिस जवान तैनात
कोरोना महामारी को देखते हुए इस साल कोटद्वार के प्रसिद्ध बूंखाल कालिंका मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा। मंदिर समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने एसडीएम चाकीसैंण को अपने निर्णय के बारे में बताया और ज्ञापन सौंपा।
साथ ही कहा कि मंदिर में हर मंगलवार व शनिवार को बलि दी जाती है इस पर रोक लगाई जाए। इसको देखते हुए एसडीएम ने बूंखाल मंदिर में हर मंगलवार और शनिवार को पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
शनिवार को बूंखाल मंदिर समिति के अध्यक्ष गजे सिंह, मुख्य पुजारी सुरेंद्र गोदियाल, सचिव विनोद गोदियाल और प्रधान रेखा देवी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने चाकीसैंण तहसील में एसडीएम जितेंद्र वर्मा से मुलाकात की।
उन्होंने बताया कि कोरोना काल में शासन ने भीड़ एकत्र करने पर रोक लगाई है, जिसके कारण इस साल मेले का आयोजन नहीं करने का निर्णय लिया है। समिति ने मेले के आयोजन को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने पर कड़ी नाराजगी जताई।
कहा कि कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर पांच दिसंबर को मेले के आयोजन की बात कही जा रही है, जो गलत है। उन्होंने झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही हर मंगलवार व शनिवार को मंदिर में बलि दिए जाने पर रोक लगाने की मांग भी की।
प्रभारी तहसीलदार चाकीसैंण गिरीश पोखरियाल और प्रभारी तहसीलदार थलीसैंण राजेंद्र ममगाईं ने बताया कि ग्रामीणों और समिति के पदाधिकारियों के साथ हुई वार्ता के बाद मंदिर परिसर में पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात करने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर राकेश गोदियाल, उत्तम सिंह, धीरज सिंह, कंचन देवी आदि ग्रामीण उपस्थित थे।