Corona in Uttarakhand: 304 संक्रमित मिले, दो की मौत, मरीजों की संख्या 61 हजार पार
उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 304 संक्रमित मरीज मिले हैं। कुल संक्रमितों का आंकड़ा 61 हजार पार हो गया है। साथ ही 463 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को 11743 सैंपल जांच में निगेटिव मिले हैं। केदारनाथ विधायक मनोज रावत भी पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्होंने 23 अक्तूबर को अगस्त्यमुनि में टेस्ट कराया था। उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आज वे दून अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
लगभग चार महीने के बाद प्रदेश में एक दिन में सबसे कम दो मरीजों की मौत हुई है। अभी तक एक दिन में सबसे अधिक 20 मरीजों की मौत हुई थी। अब संक्रमण से मृत्यु दर भी कम हो रही है।
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आज देहरादून जिले में सबसे अधिक 79 कोरोना मरीज मिले हैं। नैनीताल में 47, पौड़ी में 38, हरिद्वार में 29, रुद्रप्रयाग में 23, चमोली में 23, ऊधमसिंह नगर में 18, टिहरी में 14, बागेश्वर में 10, चंपावत में आठ, उत्तरकाशी में छह, पिथौरागढ़ में पांच व अल्मोड़ा में चार कोरोना संक्रमित मामले मिले हैं।
प्रदेश में दो कोरोना मरीजों की मौत हुई है। इसमें एम्स ऋषिकेश में एक और सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में एक मरीज ने दमतोड़ा है। मरने वालों की संख्या 1009 हो गई है।
57 हुई कंटेनमेंट जोन की संख्या
प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार थमने से कंटेनमेंट जोन की बंदिशों से भी मुक्ति मिल रही है। एक माह के भीतर कंटेनमेंट जोन की संख्या 450 से घटकर अब 57 पर आ गई है। अनलॉक-5 में कोरोना संक्रमण थमने से थोड़ी राहत मिली है।
अनलॉक-4 में कोरोना संक्रमित मामले तेजी से बढ़ने के कारण रोकथाम के लिए कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ी थी। 28 सितंबर को प्रदेश में 450 कंटेनमेंट जोन बनाए गए थे। वहीं, वर्तमान में छह जिलों में कंटेनमेंट जोन की संख्या 57 रह गई है। इसमें देहरादून जिले में 26, उत्तरकाशी में 14, पौड़ी में एक, हरिद्वार में पांच, नैनीताल में नौ, चंपावत में दो कंटेनमेंट जोन हैं।
इनमें आवश्यक सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी तरह की गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय का कहना है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी को कंटेनमेंट जोन घोषित करने का अधिकार है।
वर्तमान में पहले की तुलना में संक्रमित मामलों में कमी आई है। इससे कंटेनमेंट जोन की संख्या भी घटी है। उन्होंने कहा कि अभी कोरोना संक्रमण का खतरा कम नहीं हुआ है। लोगों को बचाव के लिए सतर्कता बरतने की जरूरत है।
लोगों को बेवजह कोरोना टेस्टको मजबूर न करें : सीएस
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने निर्देश दिए कि प्रदेश में लोगों को बेवजह कोरोना टेस्ट कराने को मजबूर नहीं किया जाए। इस संबंध में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को जल्द दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है। उन्होंने अस्पतालों में ओपीडी की संख्या में आई गिरावट पर चिंता व्यक्त की।
मुख्य सचिव बुधवार को राज्य सचिवालय में कोविड-19 की रोकथाम को लेकर किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना को देखते हुए विशेष प्रयासों की आवश्यकता है। ऐसे मौसम में कोरोना का संक्रमण बढ़ सकता है। जिसकी रोकथाम के लिए रेस्टोरेंट, होटल और पारिवारिक समारोह में डिस्पोजेबल को बढ़ावा दिया जाए।
मुख्य सचिव ने जनांदोलन बनाने को लेकर नोडल बनाए गए सूचना विभाग को दीपावली व राज्य स्थापना सप्ताह में पोस्टर्स, वॉल पेंटिंग्स आदि के जरिये व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के आह्वान ‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं’ का व्यापक प्रचार करने और बच्चों की जनजागरूकता रैली आयोजित करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि दो दिन की लगातार छुट्टियां होने पर पर्यटक स्थलों में भीड़ बढ़ेगी।
वहां पुलिस को सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन पर विशेष ध्यान देना होगा। टूरिस्ट लोकेशन पर पोस्टर व होर्डिंग्स लगाए जाएं। दुकानों के गेट के बाहर सैनिटाइजर की व्यवस्था हो। होटलों, दुकानों की सीटों पर स्टीकर लगाए जाएं। एग्जोस्ट फैन के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए।
कोरोना से जीतकर आए लोगों के लिए वॉकथान और खेल प्रतियोगिता का जिलावार कलेंडर जारी हो। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार, प्रभारी सचिव स्वास्थ्य डॉ.पंकज कुमार पांडेय, प्रबंध निदेशक परिवहन निगम रणवीर सिंह चौहान समेत सूचना विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।