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Coronavirus in Uttarakhand: उत्तराखंड में तीन महीने में ढाई गुना बढ़ा बायोमेडिकल वेस्ट

Wed, 14 Oct 2020 02:30 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 14 Oct 2020 02:30 AM IST
सार

  • सितंबर में 5900 किलो बायोमेडिकल वेस्ट था निकला 
  • प्रदेश में 8000 किलोग्राम कूड़ा निस्तारण की क्षमता 

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Coronavirus in Uttarakhand latest update: Biomedical waste increased by 2.5 times in three months
बायोमेडिकल वेस्ट - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

कोरोना संक्रमण के साथ ही प्रदेश में बायोमेडिकल वेस्ट भी लगातार बढ़ रहा है। सितंबर तक जून की तुलना में यह कचरा तकरीबन ढाई गुना बढ़ गया। राहत की बात ये है कि अब इसमें कमी देखने को मिल रही है। 

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कोरोना काल के पहले से ही प्रदेश में बायोमेडिकल वेस्ट को सही तरीके से निस्तारित करने को लेकर तमाम तरह की शिकायतें आती रही हैं। कोरोना काल में पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस पर सख्ती करनी शुुरू की थी। बोर्ड का दावा है कि इस समय यह कचरा शत प्रतिशत उठाया जा रहा है। 
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अब यह सामने आया है कि कोरोना संक्रमण के बढ़ने के साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट में भी इजाफा हो रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक सितंबर माह में प्रदेश में 5.9 मीट्रिक टन बायोमेडिकल वेस्ट को इंसीनरेटर तक पहुंचाया गया। इससे पहले जून में कुल 2.5 मीट्रिक टन बायोमेडिकल वेस्ट ही मिलता था। 

इतना होने पर भी पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अभी राहत महसूस कर रहा है। बोर्ड के मुताबिक, प्रदेश में आठ हजार मीट्रिक टन प्रति माह बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारित करने की क्षमता है। 

तीन मामलों में लगा डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना

बोर्ड के मुताबिक बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण पर लगातार निगाह रखी जा रही है। सितंबर माह में ही हल्द्वानी में लापरवाही के तीन मामले सामने आए थे। इनमें करीब डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। अगर अब भी कोई शिकायत सामने आती है तो बोर्ड तत्परता से कार्रवाई करेगा। 

अक्तूबर के पहले पखवाड़े में वेस्ट कम आया

बोर्ड अधिकारियों के मुताबिक, अक्तूबर में अभी तक बायोमेडिकल वेस्ट कम ही आया है। कम से कम यह पिछले महीनों के औसत से कम है। इसका कारण खोजा जा रहा है। यह भी हो सकता है कि संक्रमण के मामले पिछले महीनों की तुलना में कम सामने आए हों।

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