Coronavirus in Uttarakhand: एक सप्ताह में बढ़े 2000 सक्रिय मरीज, 8500 पहुंची संख्या
- संक्रमित, सक्रिय और मृत्यु दर में देहरादून जिला सबसे आगे
- सैंपल जांच के साथ लगातार बढ़ रही संक्रमण की दर
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उत्तराखंड में सैंपल जांच बढ़ने के साथ ही कोरोना संक्रमित मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बीते एक सप्ताह के भीतर प्रदेश में दो हजार से अधिक सक्रिय मरीज हो गए हैं। वर्तमान में सक्रिय मरीजों की संख्या 8500 हो गई है। नए संक्रमित मामलों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की रफ्तार धीमी है। देहरादून जिला संक्रमित मरीज, सक्रिय और मृत्यु दर में सबसे आगे है।
राज्य के चार मैदानी जिले देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में कोरोना वायरस बेकाबू हो गया है। इन जिलों में रोजाना सबसे ज्यादा कोरोना मरीज मिल रहे हैं। देहरादून जिला में संक्रमितों की संख्या छह हजार पार कर चुकी है।
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जबकि 3700 से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं। 2100 से अधिक सक्रिय मरीजों का उपचार किया जा रहा है। वहीं, हरिद्वार में संक्रमित मरीज 5800 से अधिक हो गए हैं। इसमें 4300 से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं।
संक्रमित और सक्रिय मामलों में हरिद्वार जिला दूसरे स्थान पर है। ऊधमसिंह नगर जिले में संक्रमितों की संख्या पांच हजार होने वाली है। 3500 से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं। नैनीताल जिले में संक्रमितों का आंकड़ा 3500 से ऊपर हो गया है। इसमें 2300 से अधिक मरीज ठीक हो चुके हैं।
गर्भवती महिला और नवजात शिशु को भी होम आइसोलेशन की सुविधा
प्रदेश में रोजाना कोरोना मरीजों की तादाद बढ़ने से सरकार ने होम आइसोलेशन का दायर बढ़ाया है। अब कोरोना संक्रमित गर्भवती महिला या बच्चे को जन्म देने वाली महिला व नवजात शिशु को भी होम आइसोलेशन की सुविधा मिल सकेगी। इस संबंध सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने आदेश जारी किए हैं। प्रदेश में अब तक 600 से अधिक कोरोना संक्रमितों ने होम आइसोलेशन की सुविधा ली है।
प्रदेश में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों बढ़ने से सरकार ने आठ अगस्त को होम आइसोलेशन की अनुमति देने हुए एसओपी जारी की थी। शुरुआत में कोरोना लक्षण रहित मरीजों को होम आइसोलेशन की अनुमति दी गई थी। एक सितंबर से सरकार ने 10 साल से कम आयु के बच्चे और 60 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को भी होम आइसोलेशन की अनुमति दी है।
सचिव स्वास्थ्य की ओर से जारी आदेश के अनुसार कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाएं, जो किसी अन्य बीमारी से ग्रसित नहीं है या जिन गर्भवती महिलाओं ने बच्चे को जन्म दिया है और नवजात शिशु के साथ होम आइसोलेशन की सुविधा दी जाएगी। बता दें कि प्रदेश में अब तक लगभग 600 से अधिक कोरोना मरीजों ने होम आइसोलेशन की सुविधा ली है। होम आइसोलेशन सुविधा लेने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।