Coronavirus in Uttarakhand: संक्रमण में आई तेजी, धीमी हुई ठीक होने वालों की रफ्तार
- लगातार सक्रिय मरीज बढ़ने से अस्पतालों पर बढ़ रहा इलाज का दबाव
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वालों की तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की रफ्तार धीमी है। लगातार सक्रिय मरीज बढ़ने से अस्पतालों में इलाज का दबाव बढ़ रहा है।
हालांकि सरकार ने निजी अस्पतालों को भी कोरोना संक्रमितों का इलाज करने की अनुमति दी है और इलाज की दरें तय की है। लेकिन आइसोलेशन बेड का एक दिन का कम से कम आठ हजार रुपये की दर से इलाज के लिए खर्च करना आम मरीज की जेब पर भारी पड़ेगा।
प्रदेश में सैंपल जांच बढ़ने के साथ ही कोरोना मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। इसकी तुलना में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या कम है। बीते सात दिनों में प्रदेश में कोरोना के 4637 मरीज मिले और 2913 मरीज ठीक हुए हैं।
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इस दौरान 72 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। सक्रिय मरीजों की संख्या भी 6442 पहुंच गई है। अस्पतालों पर लगातार इलाज का दबाव बढ़ रहा है। ऊधमसिंह नगर, देहरादून और हरिद्वार जिले में सबसे अधिक कोरोना मरीज भर्ती हैं।
प्रदेश में बीते सात दिनों में संक्रमित लोगों की स्थिति
दिन मरीज मौत ठीक हुए
27 अगस्त 728 09 251
28 अगस्त 588 11 349
29 अगस्त 658 11 400
30 अगस्त 664 07 480
31 अगस्त 592 12 604
01 सितंबर 571 11 404
02 सितंबर 836 11 425