Coronavirus in Uttarakhand : कोरोना पॉजिटिव महिला-पुरुष की मृत्यु के बाद शवों को दफनाने को लेकर हंगामा
- कोरोना पॉजिटिव पाए गए मुजफ्फरनगर निवासी महिला-पुरुष की मृत्यु के बाद शव दफनाए जाने थे यहां
- देर शाम महिला का शव डोईवाला तो पुरुष का शव देहरादून भेजा गया, तब जाकर शांत हुुआ मामला
- स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता ने किया विरोध, पुलिस-प्रशासन के साथ हुई तीखी नोकझोंक
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विस्तार
कोरोना पॉजिटिव पाए गए मुजफ्फनगर निवासी एक महिला और एक पुरुष की मौत के बाद शवों को दफनाने के लिए प्रशासन की आधी-अधूरी तैयारी के चलते रानीपोखरी में हंगामा हो गया। सैकड़ों की संख्या में उमड़े लोगों ने बाहरी लोगों के शवों को क्षेत्र में स्थित कब्रिस्तान में दफनाने से साफ इनकार कर दिया।
इस दौरान जनप्रतिनिधियों और पुलिस-प्रशासन के बीच जमकर तीखी नोकझोंक हुई। देर शाम महिला के शव को डोईवाला के तेलीवाला में और पुरुष के शव को चंद्रनगर, देहरादून स्थित कब्रिस्तान में दफनाया गया। इस दौरान प्रशासन की लापरवाही खुलकर सामने आई। शुक्रवार जैसे ही ग्रामीणों को खबर लगी कि प्रशासन मुजफ्फरनगर के कोरोना पॉजिटिव महिला और पुरुष व्यक्तियों के शवों को रेनापुर के पास स्थित कब्रिस्तान में दफना रहा है।
ये सुनते ही कब्रिस्तान के पास ग्रामीणों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास किए, लेकिन भीड़ मानने को तैयार नहीं थी। इस पर मौके पर मौजूद थानाध्यक्ष रानीपोखरी दीपक धारीवाल ने उच्च अधिकारियों को खबर दी। थोड़ी ही देर में उपजिलाधिकारी प्रेमलाल और पुलिस क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह रावत मौके पर पहुंचे।
उन्होंने भी लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन सब बेकार रहा। ग्राम प्रधान सुधीर रतूड़ी, क्षेत्र पंचायत सदस्य जीवन चौहान, सतीश सेमवाल, पुष्पराज बहुगुणा, नवीन चौधरी आदि जनप्रतिनिधियों ने इस बात पर रोष जताया कि प्रशासन ने बिना उन्हें भरोसे में इतना बड़ा फैसला ले लिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थित कब्रिस्तान स्थानीय लोगों के लिए है।
ऐसे में हम कोरोना पॉजिटिव आए किसी बाहरी व्यक्ति के शव को दफनाने की इजाजत नहीं दे सकते। इसी दौरान मौके पर मौजूद महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। यह घटनाक्रम दोपहर तक चलता रहा।
जनता का बढ़ता विरोध देखकर प्रशासनिक अधिकारियों को अपना फैसला बदलना पड़ा। आखिरकार तय हुआ कि इस शवों को यहां नहीं दफनाया जाएगा। देर शाम महिला के शव को डोईवाला के तेलीवाला और पुरुष के शव को चंद्रनगर, देहरादून में दफना दिया गया।
सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां
कोरोना पॉजिटिव मृतकों के शवों को कब्रिस्तान में दफनाने की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ लग गई। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ी। सीओ वीरेंद्र सिंह रावत ने इस पर नाराजगी भी जताई। जबकि पुलिस की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से बार-बार सामाजिक दूरी बनाए रखने का संदेश प्रसारित किया जा रहा था।
दोनों मरीज गंभीर अवस्था में हुए थे भर्ती
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में बुधवार 3 जून को पुरकाजी मुजफ्फरनगर निवासी कोरोना पॉजीटिव 25 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। महिला 1 जून को एम्स ओपीडी में आई थी। महिला को अनीमिया, उल्टी एवं डायरिया की शिकायत होने पर एम्स आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था।
साथ ही प्रोटोकॉल के तहत कोरोना टेस्ट लिया गया था। लेकिन बाद में महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद महिला की हालत बिगड़ती चली गई और बुधवार 3 जून को उसकी मृत्यु हो गई थी। इधर, मुजफ्फरनगर निवासी एक 26 वर्षीय युवक दो जून को भर्ती हुआ था। जिसे दो दिन से सांस लेने में बहुत तकलीफ व बुखार था।
युवक को पहले इमरजेंसी में रखा गया था, कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर युवक का कोविड आईसीयू में उपचार चल रहा था, जहां बृहस्पतिवार सुबह उसकी मौत हो गई थी।