Coronavirus in Uttarakhand: सचिवालय में कोरोना की जांच कर रहे चिकित्सक ही हुए संक्रमित, टेस्ट बंद
- डिस्पेंसरी, प्रभारी सचिव का दफ्तर व तीन अनुभाग सील
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उत्तराखंड सचिवालय में जिस चिकित्सक की देखरेख में कोरोना एंटीजन टेस्ट हो रहे थे, वही कोरोना पॉजिटिव निकल आए है। रिपोर्ट आने के बाद सचिवालय की डिस्पेंसरी को सील कर दिया गया है। इसके साथ ही कर्मचारियों के एंटीजन टेस्ट रोक दिए गए है। अब चिकित्सक की व्यवस्था होने के बाद टेस्ट शुरू होंगे।
उधर, कोरोना पॉजिटिव आए चिकित्सक के संपर्क में आने के कारण प्रभारी सचिव कार्मिक भूपाल सिंह मनराल भी एहतियातन आइसोलेट हो गए है। उनका दफ्तर भी 48 घंटों के लिए बंद कर दिया गया है। उनसे जुड़े कार्मिक विभाग के दो अनुभागों और एक कक्ष को भी सील किया गया है।
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सचिवालय प्रशासन के एक अनुभाग को भी बंद किया गया है। अब ये सभी दफ्तर व डिस्पेंसरी 48 घंटे बाद खुलेंगे। इस तरह दो दिन के भीतर सचिवालय में 13 दफ्तर व अनुभाग बंद हो गए हैं।
कर्मचारियों में चिंता
चिकित्सक के कोरोना पॉजिटिव आने से उन सचिवालय कर्मचारियों में चिंता है, जिन्होंने सोमवार को उनकी निगरानी में जांच कराई थी। पहले दिन सचिवालय अधिकारियों व कर्मचारियों ने जांच कराई थी, जिसमें एक संयुक्त सचिव समेत तीन कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आए थे।
सचिवालय डिस्पेंसरी के डाक्टर की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। उन्हीं की निगरानी में कर्मचारियों के एंटीजन टेस्ट हो रहे थे। फिलहाल टेस्ट बंद कर दिए गए है। एहतियात के तौर पर मैं आइसोलेट हो रहा हूं।
- भूपाल सिंह मनराल, प्रभारी सचिव, एसएडी
दोबारा पॉजिटिव मिले सैंपलिंग के इंचार्ज डॉक्टर
कोविड-19 के संदिग्धों की सैंपलिंग के इंचार्ज डॉक्टर ठीक होने के करीब एक माह बाद दोबारा कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उनका सैंपल आरटी पीसीआर भी भेजा गया है। वहीं, डॉक्टर खुद होम आइसोलेशन में चले गए हैं।
जानकारी के अनुसार, सैंपल इंचार्ज की 23 जुलाई को आरटी पीसीआर से पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी, जिसके बाद उन्होंने 17 दिन का आइसोलेशन भी पूरा किया। इसके बाद उनकी लगातार दो एंटीजन रिपोर्ट नेगेटिव आई, जिस पर उन्होंने दोबारा काम करना शुरू कर दिया लेकिन अब एक बार फिर एंटीजन टेस्ट में वह पॉजिटिव मिले हैं।
सैंपलिंग इंचार्ज के रूप में काम करने के चलते वह लगातार मरीजों के संपर्क में आ रहे थे और बेहद हाई रिस्क पर काम कर रहे थे। हालांकि, डॉक्टरों के अनुसार यह फॉल्स पॉजिटिविटी और फॉल्स नेगेटिविटी के कारण भी हो सकता है। कई बार ऐसा होता है कि किसी के शरीर में एंटीबॉडी न बनी हो और वह री-इंफेक्टेड हो जाए।
वहीं, कुछ विशेषज्ञों के अनुसार एक बार कोरोना के लक्षण खत्म होने के बाद भी वह पॉजिटिव आ सकता है। हालांकि, इसमें बहुत खतरा नहीं है, क्योंकि दोबारा पॉजिटिव आने वाला व्यक्ति दूसरों को संक्रमित नहीं कर सकता। यह पैक्ट वायरस होता है जो कि पूर्ण वायरस न होकर सिर्फ उसका अंश होता है। यह आमतौर पर शरीर के किसी हिस्से में रह जाता है।