Coronavirus In Uttarakhand: शुक्रवार को 78 नए संक्रमित मिले, नहीं हुई एक भी मरीज की मौत
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण कम हो गया है। शुक्रवार को प्रदेश में 78 नए संक्रमित मिले हैं। वहीं एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। कुल संक्रमितों की संख्या 95986 हो गई है, जबकि एक्टिव केस भी घटकर 1289 हो गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटे में 11715 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, देहरादून जिले में 35, हरिद्वार में 13, नैनीताल में 21, पौड़ी में दो, रुदप्रयाग और उत्तरकाशी में एक-एक व ऊधमसिंह नगर में पांच संक्रमित मिले हैं। जबकि बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़, चंपावत, टिहरी और अल्मोड़ा जिले में कोई संक्रमित नहीं मिला है।
प्रदेश में अब तक 1642 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं गुरुवार को 116 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इन्हें मिलाकर 91713 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं, रिकवरी दर 95.55 फीसदी पहुंच गई है।
पहली बार एक दिन में 6301 स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण
प्रदेश में कोविड टीकाकरण बूथों की संख्या बढ़ने से वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शुक्रवार को प्रदेश के 13 जिलों में 109 बूथों पर 6301 स्वास्थ्य कर्मचारियों ने वैक्सीन लगवाई। अब तक प्रदेश में 25818 कर्मचारियों को वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है।
प्रदेश में पहले चरण का कोरोना टीकाकरण अभियान सुचारू रूप से चल रहा है। शुक्रवार को प्रदेश में 109 बूथों पर स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन की खुराक दी गई। केंद्र के दिशा-निर्देशों के अनुसार पहले चरण में प्रदेश के सरकारी व निजी अस्पतालों में कार्यरत 87566 स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना टीका लगाया जाना है।
प्रदेश में सात दिनों के भीतर 25818 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई गई है। पहली बार शुक्रवार को एक दिन में सर्वाधित 6301 कर्मियों ने वैक्सीन लगवाई है। वैक्सीन से किसी भी कर्मचारी में गंभीर प्रभाव नहीं मिले हैं। गांधी शताब्दी अस्पताल में भी स्वास्थ्य निदेशालय के कर्मचारियों व अधिकारियों को वैक्सीन लगाई गई।
शुक्रवार को हुआ टीकाकरण
अल्मोड़ा में 219, बागेश्वर में 228, चमोली में 285, चंपावत में 233, देहरादून में 1426, हरिद्वार में 631, नैनीताल में 842, पौड़ी में 709, पिथौरागढ़ में 111, रुद्रप्रयाग में 154, टिहरी में 632, यूएस नगर में 566 और उत्तरकाशी में 265 कर्मियों को वैक्सीन लगाई गई।
एक फरवरी से खुलेगा एफआरआई, कोविड नियमों का होगा पालन
वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) परिसर आम जनता के लिए एक फरवरी से खुल जाएगा, हालांकि, कोरोना से बचाव के मद्देनजर लोगों को नियमों का पालन करना होगा। फिलहाल सीमित संख्या में ही लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। सुबह की सैर करने वाले लोगों के साथ ही पर्यटकों को एंट्री के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
संस्थान निदेशक अरुण सिंह रावत ने बताया कि अब कोरोना का प्रभाव बेहद कम हो गया है। ऐसे में संस्थान को पर्यटकों और सुबह सैर करने वाले लोगों के लिए खोलने का निर्णय लिया गया है। पहले चरण में प्रतिदिन 150 पर्यटकों और मॉर्निंग वॉक के लिए 100 लोगों को ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। साथ ही संस्थान गेट पर निर्धारित शुल्क भी जमा कराना होगा।
संस्थान निदेशक रावत ने बताया कि संस्थान परिसर को पर्यटकों के लिए सुबह नौ से लेकर पांच बजे तक खोला जाएगा। वहीं, मॉर्निंग वॉक के लिए संस्थान परिसर सुबह छह से आठ बजे तक खुला रहेगा।
निदेशक अरुण सिंह रावत ने बताया कि संस्थान परिसर में प्रवेश पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। साथ ही सभी को कोरोना को लेकर केंद्र और राज्य सरकार की ओर से जारी गाइड लाइन का भी कड़ाई से पालन करना होगा। बिना मास्क के किसी भी व्यक्ति को प्रवेश की इजाजत नहीं दी जाएगी।
बता दें कि दून में कोरोना संक्रमण का सबसे पहला मामला वन अनुसंधान संस्थान परिसर में स्थित इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी में ही सामने आया था। उसके बाद संस्थान निदेशक की ओर से परिसर को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया था।
यहां करें ऑनलाइन आवेदन:
fri.icfri.gov.in