Coronavirus in Uttarakhand: संक्रमित युवक को तीन अस्पतालों ने भर्ती करने से किया इनकार, मौत
- अस्पतालों ने आईसीयू में बेड खाली नहीं होने पर मरीज को लौटाया
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देहरादून में सांस लेने की समस्या से जूझ रहे कोरोना संक्रमित युवक को लेकर परिजन तीन अस्पतालों के चक्कर कटाते रहे, लेकिन कहीं भी उपचार न मिलने की वजह से उसकी मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि आईसीयू अगर खाली नहीं भी था तो डॉक्टर एक बार मरीज को देख कर ऑक्सीजन तो लगा लेते। परिजनों के साथ मौजूद पूर्व विधायक राजकुमार ने परिवार को मुआवजा देने की मांग सरकार से की है।
बताया जा रहा है कि इंदिरा कॉलोनी चुक्खुवाला निवासी 38 वर्षीय युवक को कुछ दिन पहले तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने सहारनपुर चौक स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। तीन सितंबर को युवक का कोरोना सैंपल पॉजिटिव आया। इस पर चार सितंबर को युवक को दून अस्पताल रेफर कर दिया गया।
अस्पताल के डॉक्टरों ने आईसीयू खाली न होने की बात कह कर उसे भर्ती करने से इंकार कर दिया। उसके बाद परिजन युवक को घर ले गए। शनिवार को युवक की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो परिजन उसे लेकर पहले जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल और फिर पटेलनगर से श्री महंत इंद्रेश अस्पताल ले गए। दोनों जगह भी आईसीयू में बेड खाली न होने की बात कहकर मरीज को लौटा दिया गया।
जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप पर युवक को शनिवार देर शाम दून अस्पताल में डाक्टरों को दिखाया गया। जहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में कई बार कोशिश के बावजूद देर रात तक संबंधित अस्पतालों का पक्ष नहीं मिल पाया था। उनका पक्ष आने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।