Coronavirus in Uttarakhand : अब विधानसभा में ही होगा सत्र, नहीं होगा प्रश्नकाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य सचिवालय में विधानसभा सत्र की संभावनाएं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के संयुक्त निरीक्षण के बाद खत्म हो गईं।
Corona In Uttarakhand: 1192 नए संक्रमित मिले, 13 की मौत, मरीजों की संख्या 37 हजार पार
अब सत्र विधानसभा में ही होगा। लेकिन सदस्यों के बैठने की व्यवस्था के विकल्प तैयार किए जाएंगे। तकरीबन यह भी तय है कि सत्र केवल एक दिन का होगा और इसमें भी प्रश्नकाल नहीं होगा। विधानसभा का सत्र 23 सितंबर से होना है।
सत्र की अधिसूचना जारी होने के बाद से ही विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल सत्र के आयोजन को लेकर अलग अलग विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। कोविड काल में सत्र के दौरान सामाजिक दूरी का पालन करना सबसे बड़ी चुनौती है।
सत्र के आयोजन की संभावनाएं टटोली
विधानसभा में सीमित स्थान है और सामाजिक दूरी के साथ बहुत कम विधायकों के लिए स्थान बन पा रहा है। विकल्प के तौर पर मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने बृहस्पतिवार को सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन के पांचवे तल में बने सभागार में सत्र के आयोजन की संभावनाएं टटोली। लेकिन बात बनी नहीं।
तय हुआ है कि सत्र का आयोजन विधानसभा में ही होगा। सदस्यों के बैठने और लाइव जुड़ने के अलग इंतजाम किए जाएंगे। साथ ही सदस्यों से वर्चुअल भागीदारी की अपील की जाएगी। सभी जिला मुख्यालयों पर राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी) हैं, जहां सभी सदस्य वर्चुअल जुड़कर सत्र में भागीदारी कर सकते हैं। यह विचार भी बना है कि एक दिन के सत्र में प्रश्नकाल न किया जाए।
सत्र विधानसभा में ही होगा। निरीक्षण के बाद सचिवालय के सभागार में व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं। यह विचार है कि सत्र एक दिन का हो। -त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री