Coronavirus in Uttarakhand : बीते 24 घंटे में 12 कोरोना मरीजों की मौत, 413 नए संक्रमित मिले
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प्रदेश में एक सप्ताह के बाद कोरोना से एक दिन में 10 से ज्यादा मरीजों की मौत हुई है। बीते 24 घंटे के भीतर 12 मरीजों की मौत हुई और 413 संक्रमित मामले सामने आए हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 62 हजार के पार हो गई है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शनिवार को 11750 सैंपल निगेटिव पाए गए। जबकि 413 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। देहरादून जिले में सबसे अधिक 96 कोरोना मरीज मिले हैं। रुद्रप्रयाग में 65, पौड़ी में 52, टिहरी में 45, हरिद्वार में 33, नैनीताल में 32, चमोली में 29, उत्तरकाशी में 20, ऊधमसिंह नगर में 17, बागेश्वर में 11, अल्मोड़ा में नौ, पिथौरागढ़ में तीन, चंपावत में एक कोरोना संक्रमित मामला मिला है।
प्रदेश में 12 मरीजों की मौत हुई है। इसमें एम्स ऋषिकेश में पांच, दून मेडिकल कालेज में तीन, महंत इंद्रेश हास्पिटल में एक, सेना अस्पताल में एक, सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज हल्द्वानी में दो मरीजों ने इलाज के दौरान दमतोड़ा है। प्रदेश में मरने वालों की संख्या 1023 हो गई है। वहीं, 152 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इन्हें मिला कर 56923 मरीज ठीक हो चुके हैं।
231 दिनों में 10 लाख सैंपलों की जांच
प्रदेश में कोरोना काल के 231 दिनों में 10 लाख से ज्यादा सैंपलों की जांच की गई है। प्रति लाख आबादी पर 8770 लोगों की जांच की जा रही है। नौ पर्वतीय जिलों में 45 प्रतिशत और चार मैदानी जिलों में 55 प्रतिशत सैंपलों की जांच हुई है। वर्तमान में जांच के लिए भेजे गए 14 हजार से अधिक सैंपल लंबित हैं।
जिला अस्पताल से फरार हुआ विचाराधीन बंदी
पिथौरागढ़ जिला अस्पताल से कोविड-19 के उपचार के लिए भर्ती एक विचाराधीन बंदी फरार हो गया और उसकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। हालांकि, पुलिस ने करीब साढ़े 12 घंटे बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। बंदी के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी बंदी वायुसेना में तैनात था और वहां से भी भगोड़ा घोषित था। उसके खिलाफ गंगोलीहाट थाने हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है।
कोरोना संक्रमित होने के कारण जिला जेल में बंद विचाराधीन बंदी गौरव उप्रेती को 22 अक्तूबर को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार रात करीब डेढ़ बजे गौरव अस्पताल में बने बाथरूम की खिड़की तोड़कर वहां से करीब 20 फीट ऊंची दीवार फांदकर फरार हो गया। इसकी जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया।
कोतवाल रमेश तनवार के नेतृत्व में पुलिस ने कई जगह दबिश दी और शनिवार को दिन में करीब साढ़े 12 बजे उसे जगदंबा कॉलोनी के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी बंदी के खिलाफ जानबूझकर कोरोना फैलाकर लोगों की जान पर जोखिम डालने के आरोप में धारा 51बी आपदा प्रबंधन अधिनियम और भारतीय दंड सहिता 270 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार 10 अक्तूबर को लाली गांव निवासी विचाराधीन कैदी गौरव उप्रेती अपने पड़ोसी उमेश चंद्र उप्रेती पर जानलेवा हमला कर फरार हो गया था। उमेश ने गौरव के खिलाफ गंगोलीहाट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। गंगोलीहाट के एसओ प्रकाश पांडे ने बताया कि आरोपी को 10 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद उसे जिला कारागार भेजा गया था।
कोरोना काल के 231 दिनों में 10 लाख से ज्यादा सैंपलों की जांच
प्रदेश में कोरोना काल के 231 दिनों में 10 लाख से ज्यादा सैंपलों की जांच की गई है। प्रति लाख आबादी पर 8770 लोगों की जांच की जा रही है। नौ पर्वतीय जिलों में 45 प्रतिशत और चार मैदानी जिलों में 55 प्रतिशत सैंपलों की जांच हुई है। उत्तरकाशी, चंपावत, रुद्रप्रयाग जिले में सबसे अधिक कोरोना जांच की गई है।
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से वर्तमान में औसतन 10 हजार सैंपलों की जांच प्रतिदिन की जा रही है। प्रदेश की सवा करोड़ की आबादी पर अब तक 10 लाख से अधिक कोविड जांच की गई है। नौ पर्वतीय जिलों में संक्रमित मामले कम होने के बाद भी सैंपल जांच ज्यादा की गई।
इन जिलों में प्रदेश के कुल संक्रमितों में से 28 प्रतिशत मामले हैं। जबकि चार मैदानी जिले देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर में 72 प्रतिशत संक्रमित मामले हैं और 55 प्रतिशत सैंपल जांच की गई। वर्तमान में जांच के लिए भेजे गए 14 हजार से अधिक सैंपल लंबित हैं।
कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि प्रदेश में प्रति लाख पर 8770 सैंपलों की जांच हो रही है। मैदानी जिलों में सैंपल जांच बढ़ाने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग का लंबित सैंपलों पर फोकस होना चाहिए।